घुमारवीं (बिलासपुर)। हिमाचल विवि के इक्डोल कार्यरत प्रो. अजय अत्री ने ई-लर्निंग को कोरोना संकट के इस दौर में समय की मांग बताया है। उन्हाेंने कहा कि ई-लर्निंग में भी अध्यापकों की भूमिका यथावत बनी रहेगी। प्रो अत्री घुमारवीं स्थित शिवा बीएड कालेज में दो दिवसीय ऑनलाइन राष्ट्रीय संगोष्ठी व कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। संगोष्ठी में कोविड-19 संकट में अध्यापक-शिष्य के बीच की दूरी को कम करने में ई-लर्निग की भूमिका विषय पर मंथन किया गया। कॉलेज के प्राचार्य डा. सुनील कुमार शर्मा ने बताया कि इस संगोष्ठी का संचालन जूम एप व यू ट्यूब चैनल पर लाइव किया गया।
कार्यशाला के प्रथम दिन आमंत्रित स्रोत वक्ताओं में प्रदेश विश्वविद्यालय से शिक्षा विभागाध्यक्ष प्रो नैन सिंह ने कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद कार्यशाला में स्रोत वक्ता के रूप में हैदराबाद विश्वविद्यालय में कार्यरत प्रो. मधुुसूदन जेवी ने प्रतिभागियों को लर्निग मैनेजमेंट सिस्टम की प्रायोगिक तौर पर जानकारी दी। संगोष्ठी के दूसरे व अंतिम दिन की शुरुआत उत्तर क्षेत्रीय समिति राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद के सदस्य व इक्डोल विश्वविद्यालय में कार्यरत डॉ सुरेंद्र कुमार शर्मा ने अपने विचार व्यक्त किए।
इससे पहले शिक्षा ग्रुप के प्रबंधक वह जिला पार्षद पुरुषोत्तम शर्मा ने कहा कि तकनीकी ने पूरे संसार को एक प्लेटफार्म पर जुड़ने का मौका दे दिया है। आज इस संकट की घड़ी में यह बहुत कारगर सिद्ध हो रहा है। विश्वविद्यालय में इक्ड़ोल विभाग में कार्यरत प्रो. कुलदीप कटोच ने दूरवर्ती शिक्षा के मॉडल को आजकल रेगुलर शिक्षा के लिए भी कारगर बताया। गुरु नानक देव विश्वविद्यालय अमृतसर में कार्यरत प्रोफेसर अमित कौटस ने ई लर्निंग तकनीकी मूल्यांकन विधियां व उनका आज के दौर में उपयोग पर अपनी प्रस्तुति दी।