- पार्क के आसपास से चंदन के पेड़ भी हो चुके हैं चोरी
- नशा करने वाले शराब पीकर करते हैं हुड़दंग
- ओयल पंचायत ने 7:00 बजे के बाद प्रवेश पर रोक लगाने की उठाई मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। शहर के साथ बंदला के पहाड़ पर बनाया गया ईको पार्क नशेड़ियों का अड्डा बना हुआ है। पार्क में बैठने के लिए बनाए टीन शेड के आसपास शराब और बीयर की बोतलों के ढेर लगे हुए हैं। साथ गंदगी का अंबार भी लगा हुआ है।
पार्क के आसपास से चंदन के पेड़ भी चोरी हो चुके हैं। बुधवार को हुई चंदन के पेड़ काटने की घटना भी इसी ईको पार्क के पास हुई है। स्थानीय ओयल पंचायत ने ईको पार्क में शाम 7:00 बजे के बाद प्रवेश पर रोक लगाने की मांग भी उठाई है। पंचायत पहले ही इस बारे प्रस्ताव पारित कर चुकी है। प्रस्ताव की कॉपी पुलिस और वन विभाग को भी दी गई है। पंचायत ने मांग की है कि पार्क के प्रवेश द्वार के पास स्थित निजी स्कूल के पास शाम को पुलिस के जवान तैनात किए जाएं। साथ ही पार्क के प्रवेश द्वार पर बनाई गई सीढि़यों को भी हटाया जाए। ताकि पुलिस कर्मी बाइक पर सवार होकर पार्क में रात को गश्त कर सके। पंचायत के प्रस्ताव में बताया गया है कि ईको पार्क का प्रयोग नशे को बेचने और खरीदने वाले शरारती तत्व कर रहे हैं। अंधेरा होते ही लोग अपनी गाड़ियों में पार्क के प्रवेश द्वार के पास पहुंचते हैं। वहां से पार्क में बने पैदल रास्ते पर जाकर नशे का कारोबार करते हैं। साथ ही पार्क में बनाए टीन शेड में बैठ कर कई लोग शराब पीते हैं और फिर हुडदंग भी मचाते हैं, जिसकी वजह से ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया है। कई बार ग्रामीण खुद भी पार्क में गए, लेकिन हुडदंगी भागने में सफल हो जाते हैं। इस बारे में पुलिस को भी कई बार शिकायत की गई है। कई बार तस्कर भी इस पार्क के आसपास से चंदन की लकड़ी चोरी कर ले गए हैं।
बता दें कि करीब 15 साल पहले बंदला के पहाड़ पर ओयल गांव से लेकर दनोह गांव तक करीब दो किलोमीटर लंबा ईको पार्क बनाया गया था। वन क्षेत्र में बने इस पार्क में पैदल रास्ता और जगह-जगह बैठने के लिए शेड बनाए गए हैं। लेकिन आज रास्ते और शेड की हालत खस्ता बनी हुई है।
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ओयल पंचायत के प्रधान दिनेश कुमार ने बताया कि पंचायत ने पार्क में शाम 7 बजे के बाद प्रवेश पर रोक लगाने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया है। प्रस्ताव की कॉपी पुलिस और वन विभाग को दी गई है। लेकिन आज भी यह पार्क नशेड़ियों का अड्डा बना है। पार्क के प्रवेश द्वार पर शाम को पुलिस के जवान तैनात करने चाहिए। ताकि आसामाजिक गतिविधियों पर रोक लग सके।
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चंगर सेक्टर और ईको पार्क के आसपास नियमित रूप से गश्त की जाती है। आवश्यकता के अनुसार गश्त बढ़ा दी जाएगी। पार्क में भी जवानों को गश्त पर भेजा जाएगा। -शिव चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक