स्वारघाट (बिलासपुर)। विकास खंड स्वारघाट के तहत एक दर्जन से अधिक ग्राम पंचायतों में बुधवार दोपहर बाद आए तेज अंधड़ और भारी बारिश ने फसलों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है। हालत यह थी कि अंधड़ की मार से मक्की की फसल जमीन पर बिछ गई।
इससे कुटैहला, टाली, जकातखाना, तंबौल, री, स्वाहण, टरवाड़ और नकराणा सहित आसपास की अन्य पंचायतों में किसानों की मक्की की फसल सहित टमाटर, खीरा और बैंगन की फसल को बुरी तरह से नुकसान पहुंचा है। इस बार क्षेत्र के किसानों ने अनुमान से अधिक मक्की की पैदावार होने की उम्मीद थी। मगर तेज हवाओं और बारिश ने किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। फसलों के तबाह हो जाने से किसानों के चेहरे मुरझा गए हैं। किसानों को इस बात की चिंता सताने लगी है कि वह पूरा साल अपने परिवार का पालन-पोषण कैसे कर पाएंगे।
बुधवार दोपहर बाद हुई भारी बारिश और तूफान से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए वीरवार को स्वारघाट के तहसीलदार जसपाल ने कई गांवों का निरीक्षण किया। करीब दो घंटों तक हुई भारी बारिश और भयंकर अंधड़ ने पूरे स्वारघाट क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। दभेटा गांव के आशा राम ने बताया कि मई महीने में उन्होंने करीब दो बीघा जमीन में 2500 टमाटर के पौधे लगाए थे। इसमें फल लगकर तैयार हो गया था।
मगर बुधवार को आए भयंकर तूफान ने टमाटर की फसल को तबाह कर दिया है। तूफान और बारिश के कारण 80 फीसदी टमाटर की फसल तबाह हो गई है। इसी गांव के किसान छोटा राम, कांशी राम, रामकृष्ण और मतनोह गांव के परमानंद, दिला राम, रामपाल और राममूर्ति ने बताया कि तूफान और बारिश की वजह से उनकी फसलें तबाह हो गई हैं।
गौरतलब है कि स्वारघाट क्षेत्र की अधिकतर आबादी मक्की की फसल पर निर्भर रहती है। अंधड़ से मक्की और टमाटर की 80 फीसदी फसल को तबाह कर दिया है। किसानों ने प्रशासन से तबाह हुई फसलों का जायजा लेकर उचित मुआवजा देने की मांग की है। बता दें कि हाल ही में कृषि विभाग ने किसानों की विभिन्न फसलों का बीमा किया है। किसानों ने विभाग से अपनी का तबाह हुई बीमा फसलों का मुआवजा देने की मांग की है।
तहसीलदार स्वारघाट जसपाल ने बताया कि अंधड़ और बारिश के कारण स्वारघाट क्षेत्र में 80 फीसदी मक्की की फसल तबाह हो चुकी है। प्रभावित गांवों का दौरा कर तबाह हुई फसलों के नुकसान की रिपोर्ट तैयार करके उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।