फोरलेन निर्माण से धंस रही जमीन से दर्जनों मकानों पर गिरने का खतरा मंडरा गया है। निर्माण के दौरान ब्लास्टिंग और कटान के बाद अब हो रही बारिश से स्थिति और भयावह हो गई है। हालत यह है कि दर्जनों मकान कभी भी जमींदोज हो सकते हैं। इससे लोग हर समय खौफ के साये में जीने को मजबूर हैं। वहीं जिला प्रशासन का तर्क है कि उन्हें इस संबंध में अभी तक शिकायत नहीं मिली है।
कहीं पर सुनवाई न होने पर अब लोगों ने केंद्रीय मंत्रियों को पत्र लिखने का सिलसिला शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है तब तक हर रोज केंद्रीय मंत्रियों को पत्र भेजेंगे जब तक कंपनी और निजी ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं हो जाती है।
वहीं इस संबंध में प्रशासन की दलील भी समझ से परे है। प्रशासन के अधिकारी कहते है कि उन्हें इस बारे में शिकायत नहीं आई है। जबकि लोग हर रोज पत्र लिखकर शिकायत कर रहे है। इसको देखते हुए पुलिस भी मौके का जायजा कर चुकी है। मगर मामले में राहत कार्य जिला प्रशासन और संबंधित विभागों के द्वारा ही किया जाना है।
इन गांवों में दर्जनों घर गिरने की कगार पर
जानकारी के अनुसार थापना गांव के 32, मैहला के 7, टाली के 11, कोठी धराड़सानी के 7, छत्त और कल्लर, बागठेहडू और पनोह क्षेत्रों में भी दर्जनों मकानों फोरलेन कंपनी की ब्लास्टिंग और कटिंग की वजह से गिरने की कगार पर पहुंच गए हैं। वहीं लगातार हो रही बरसात से मकान धंस गए है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद उनकी प्रशासन सुनवाई नहीं कर रहा है।
कमेटी पर भी उठाए सवाल, एक गांव से सभी सदस्य
लोगों ने तहसीलदार स्वारघाट की ओर से मकानों को हो रहे नुकसान का पता लगाने के लिए बनाई कमेटी पर भी सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कमेटी में सभी सदस्य एक ही गांव के हैं। कमेटी को ब्लास्टिंग से होने वाले नुकसान की रिपोर्ट बनानी है। प्रकाश, सुखराम, राम पाल, बुद्धि राम, तुलसी राम ,श्रीराम, सीताराम, सदाराम, नाजरा, भगत राम, श्रवण कुमार, शक्ति सिंह और भादर सिंह आदि का कहना है कि बार बार प्रशासन से मांग करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। इस कारण अब घरों में रहना खतरे से खाली नहीं रह गया है। प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई न होने पर अब केंद्रीय मंत्रियों को वह तब तक हर रोज पत्र लिखेंगे जब तक नियम अनुसार कार्रवाई नहीं होती है।
इन केंद्रीय मंत्रियों को भेजे लिखित पत्र
ग्रामीण केेंद्रीय यातायात परिवहन एवं जहाज रानी मंत्री नितिन गडकरी, निजी सचिव परिवहन मंत्री भारत सरकार, संयुक्त सचिव भूमि अधिग्रहण भारत सरकार, चेयरमैन भारतीय राष्ट्रीय राज मार्ग प्राधिकरण नई, मुख्य महाप्रबंधक रिजनल ऑफिस चंडीगढ़ और परियोजना निदेशक गुटकर मंडी सहित मुख्य सचिव हिमाचल प्रदेश सरकार शिमला को प्रतिदिन पत्र भेजे जा रहे है। अधिकारियों को 15-15 रिमाइंडर अब तक भेजे जा चुके हैं।
इस बारे में अभी कोई शिकायत नहीं आई है। इस प्रकार की कोई समस्या है तो लोग उनके पास शिकायत कर सकते है। फिर भी प्रशासन अपने स्तर पर मौके पर निरीक्षण करेगा। नियम अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
एडीएम बिलासपुर डॉ.चांद प्रकाश शर्मा