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Bilaspur News: नशा तस्करों पर अब चौतरफा शिकंजा, सरकारी और वन भूमि से हटेंगे अवैध कब्जे

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जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की समीक्षा बैठक में मौजूद अधिकारी। स्रोत: डीपीआरओ
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उपायुक्त ने एक माह में कार्रवाई के दिए निर्देश, 27 पंचायतों में नशा निवारण समितियां करेंगी निगरानी
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नशे के मामलों में फंसे 10 सरकारी कर्मचारियों की भी हुई समीक्षा

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में नशे की सप्लाई करने वालों पर अब प्रशासन चौतरफा कार्रवाई करेगा। नशा तस्करों के खिलाफ केवल पुलिस कार्रवाई तक ही मामला सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सरकारी और वन भूमि पर उनके अवैध कब्जों पर भी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को ऐसे कब्जों को चिह्नित कर एक माह के भीतर ठोस कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को उपायुक्त राहुल कुमार की अध्यक्षता में हुई जिला स्तरीय एनकॉर्ड समिति की बैठक में नशा तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में जिले में मादक पदार्थों की तस्करी, नशे के अवैध कारोबार, नशे के दुरुपयोग की रोकथाम, उपचार एवं पुनर्वास तथा जनजागरूकता अभियान को लेकर विभिन्न विभागों की ओर से किए जा रहे कार्यों की समीक्षा हुई। उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय से काम करें और तस्करी में संलिप्त लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करें। नशा तस्करी में संलिप्त लोगों की ओर से वन और सरकारी भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को लेकर भी बैठक में गंभीरता से चर्चा हुई। उपायुक्त ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को ऐसे मामलों में कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अवैध कब्जों को लेकर कार्रवाई में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और एक माह के भीतर ठोस कार्रवाई की जाए। इससे नशे के कारोबार से जुड़े लोगों पर पुलिस कार्रवाई के साथ प्रशासनिक स्तर पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है। बैठक में एनडीपीएस अधिनियम के मामलों में संलिप्त पाए गए 10 सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ की गई विभागीय और कानूनी कार्रवाई की भी समीक्षा की गई। इनमें जलशक्ति विभाग, बिजली बोर्ड, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा ट्रेजरी व पुलिस विभाग के कर्मचारी शामिल हैं। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को ऐसे मामलों में नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। नशे के खिलाफ अभियान को गांव स्तर तक पहुंचाने के लिए जिले की 27 पंचायतों में नशा निवारण समितियों का गठन किया गया है। उपायुक्त ने इन समितियों की नियमित बैठकें आयोजित करने और नशा उन्मूलन के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी साझा करने के निर्देश दिए। पंचायतों के माध्यम से लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने और सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। उपायुक्त ने शिक्षण संस्थानों में भी नशे के खिलाफ अभियान को मजबूत करने के निर्देश दिए। स्कूल एडाॅप्शन कार्यक्रम के तहत अधिकारियों को विद्यार्थियों के साथ नियमित जागरूकता कार्यक्रम और संवाद सत्र आयोजित करने को कहा गया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को कॅरिअर काउंसलिंग के साथ-साथ नशे के दुष्प्रभावों के बारे में भी जानकारी दी जाए, ताकि युवा नशे की गिरफ्त में आने से बच सकें।
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उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि प्रदेश सरकार नशे के खिलाफ गंभीरता से कार्य कर रही है। जिला प्रशासन भी पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के साथ मिलकर नशा तस्करी और अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए समन्वित कार्रवाई कर रहा है। युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता, रोकथाम, उपचार और पुनर्वास सभी स्तरों पर काम किया जा रहा है। बैठक में पुलिस अधीक्षक अभिषेक धीमान, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रताप ठाकुर, एसडीएम राज कुमार, धर्मपाल, अर्शिया शर्मा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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