पांच दिन में टैंक ठीक नहीं हुए तो ब्रह्मपुखर चौक पर करेंगे चक्का जाम
प्रधान रीना देवी की अध्यक्षता में उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। फोरलेन निर्माण के दौरान पेयजल योजना के टैंक क्षतिग्रस्त होने से तीन पंचायतों के 15 गांवों में पेयजल संकट गहरा गया है। निहारखन वासला, कोटला और नम्होल पंचायतों के ग्रामीण पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि फोरलेन निर्माण कर रही गावर कंपनी ने उठाऊ पेयजल योजना स्याहुला-मझोत-पदेह के टैंकों को क्षतिग्रस्त कर दिया है। मामले को लेकर निहारखन वासला पंचायत प्रधान रीना देवी की अगुवाई में ग्रामीणों ने उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि पांच दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो ब्रह्मपुखर चौक पर चक्का जाम किया जाएगा।
ग्रामीणों के अनुसार, पेयजल योजना से तीनों पंचायतों के 15 गांवों में पानी की आपूर्ति होती है। इसके अलावा क्षेत्र के पांच से छह सरकारी स्कूलों, पशु चिकित्सालय और आयुर्वेदिक अस्पताल को भी इसी योजना से पानी मिलता है। ग्रामीणों का कहना है कि गांवों में पिछले एक सप्ताह से पेयजल संकट बना हुआ है, जबकि स्कूलों और अस्पतालों में करीब दो सप्ताह से पानी नहीं पहुंच रहा है। इस मौके पर मनोहर लाल, नंद लाल, श्याम लाल, हंस राज, लच्छु राम, सुभाष, बलदेव, प्रवीण सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे।
टैंकों की मरम्मत कर पानी की आपूर्ति बहाल करने की मांग
ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने क्षतिग्रस्त टैंकों की मरम्मत करवाकर पेयजल योजना को जल्द चालू करने की मांग उठाई। उन्होंने उपायुक्त से गावर कंपनी को पांच दिन के भीतर व्यवस्था दुरुस्त कर पानी की आपूर्ति बहाल करने के निर्देश देने का आग्रह किया। ग्रामीणों ने कहा कि पेयजल आपूर्ति बाधित होने से लोगों को रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में परेशानी हो रही है। वहीं, स्कूलों और स्वास्थ्य संस्थानों में पानी नहीं पहुंचने से दिक्कतें बढ़ गई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि समस्या का समाधान नहीं होने पर पैदा होने वाली स्थिति के लिए गावर कंपनी और प्रशासन जिम्मेदार होंगे।