बंदला के परनाली में राष्ट्रीय दुग्ध दिवस मनाकर किया कुरियन के योगदान को याद
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। भारत में श्वेत क्रांति के जनक कहे जाने वाले डॉ. वर्गीज कुरियन की जयंती के उपलक्ष्य में बुधवार को बंदला के परनाली में राष्ट्रीय दुग्ध दिवस मनाया गया। सरदार पटेल सहकारी डेयरी फेडरेशन (एसपीसीडीएएफ), महेसाणा जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ और सुमन एग्रो के संयुक्त तत्वावधान में दूधसागर नेशनल अमूल के अवशीतन केंद्र पर आयोजित कार्यक्रम में बिलासपुर व सोलन से बड़ी संख्या में युवाओं, महिलाओं व दूध उत्पादकों ने भाग लिया।
एसपीसीडीएएफ के स्टेट कोऑर्डिनेटर शरद तिवारी ने कहा कि भारत को विश्व का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बनाने में श्वेत क्रांति की नींव रखने वाले डॉ. वर्गीज कुरियन की अहम भूमिका रही है। उन्होंने सहकारिता पर आधारित अमूल मॉडल विकसित करके देश के करोड़ों किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया। मौजूदा परिवेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सहकार से समृद्धि’ के दृष्टिकोण तथा गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में देश में सहकारिता के क्षेत्र में एक नई क्रांति आ रही है। इसी से प्रेरित होकर एसपीसीडीएएफ की स्थापना की गई है। इसका उद्देश्य देश भर के दुग्ध उत्पादकों को एक संगठित सहकारी ढांचे से जोड़ना है, ताकि उन्हें संग्रहण से लेकर प्रसंस्करण और विपणन तक मजबूत, पारदर्शी और लाभकारी अमूल प्रणाली का लाभ मिल सके।
शरद तिवारी ने कहा कि वर्तमान में एसपीसीडीएएफ देश के 20 राज्यों में सक्रिय है। इन राज्यों के हर गांव में ग्राम दुग्ध सहकारी समितियों के गठन को बढ़ावा दिया जा रहा है। अहम बात यह है कि एसपीसीडीएएफ का संचालन भी उसी त्रिस्तरीय अमूल सहकारी मॉडल पर आधारित है, जहां हर स्तर पर निर्णय दुग्ध उत्पादक केंद्रित और लोकतांत्रिक सिद्धांतों पर लिए जाते हैं। प्रतिभागी दूध उत्पादकों ने कहा कि वे अपने गांवों में दुग्ध सहकारी समितियों का गठन करके उन्हें एसपीसीडीएएफ से जोड़ेंगे। इससे उन्हें अमूल मॉडल के तहत दूध का उचित और पारदर्शी मूल्य, चारा व पोषण सहायता, पशु स्वास्थ्य सेवाएं, प्रशिक्षण व क्षमता निर्माण, वित्तीय व तकनीकी सहायता जैसे लाभ मिलेंगे। इस मौके पर केंद्र प्रभारी दीपक, सीएस टीम से कर्ण, सुमित, साहिल व तरुण भी मौजूद थे।