आरडीएसएस योजना के तहत झंडूता में बदले जा रहे पुराने मीटर
बिजली बोर्ड ने कहा-उपभोक्ताओं पर नहीं पड़ेगा अतिरिक्त भार
सहयोग न करने पर 24 घंटे बाद काटी जा सकती है बिजली
संवाद न्यूज एजेंसी
झंडूता(बिलासपुर)। विद्युत बोर्ड सब डिवीजन झंडूता में भारत सरकार की आरडीएसएस योजना के तहत प्रदेश में लगाए गए पारंपरिक बिजली मीटरों को चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट मीटर से बदला जा रहा है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बिजली आपूर्ति व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, कुशल और आधुनिक बनाना है।
इस योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं पर किसी प्रकार का अतिरिक्त वित्तीय भार नहीं डाला जा रहा है। स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अधिकृत एजेंसी हमीरपुर स्मार्ट मीटर प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से किया जा रहा है। सहायक अभियंता सचिन आर्य ने बताया कि विभाग के संज्ञान में आया है कि कुछ उपभोक्ताओं द्वारा अपने परिसरों में लगे पुराने मीटर बदलने के लिए अनुमति नहीं दी जा रही है। इसके अलावा कुछ स्थानों पर अधिकृत कर्मचारियों एवं एजेंसी के कार्य में बाधा उत्पन्न की जा रही है, जो नियमों के विपरीत है। कहा कि केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के संशोधित नियम 2026 के अनुसार जिन क्षेत्रों में संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य किया गया है। ऐसे में उपभोक्ताओं का सहयोग आवश्यक है। बताया कि विद्युत अधिनियम, 2003 की धारा 163(1) के तहत लाइसेंसी या उसके अधिकृत प्रतिनिधि को पूर्व सूचना देकर किसी भी परिसर में प्रवेश कर मीटर की जांच, मरम्मत या प्रतिस्थापन करने का अधिकार है। वहीं, धारा 163(3) के अनुसार यदि कोई उपभोक्ता अधिकृत अधिकारी को कार्य करने से रोकता है, तो लिखित सूचना देने के 24 घंटे बाद उसकी बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से काटी जा सकती है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वर्तमान पोस्टपेड उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ और सब्सिडी में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। मीटर सामान्य तौर पर विभाग की संपत्ति होते हैं और उनका बदलना एक नियमित तकनीकी प्रक्रिया का हिस्सा है। बोर्ड ने सभी उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे अधिकृत अधिकारियों और एजेंसी को सहयोग करें, अपने परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाने की अनुमति दें, ताकि बिजली व्यवस्था को और अधिक मजबूत, पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया जा सके। विभाग ने यह भी चेतावनी दी है कि नियमों की अनदेखी करने पर विद्युत अधिनियम, 2003 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें बिजली आपूर्ति का विच्छेदन भी शामिल है।