खुले में कचरा फेंकने पर लोगों में रोष, नगर पंचायत से सफाई व्यवस्था सुधारने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
शाहतलाई (बिलासपुर)। शाहतलाई के मुख्य चौक पर सोमवार सुबह हिमाचल पथ परिवहन निगम के बंद पड़े बुकिंग कार्यालय के समीप सड़ी-गली सब्जियों का कूड़ा पड़ा मिलने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को दुर्गंध का सामना करना पड़ा। मुख्य चौक पर बसों का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं और राहगीरों ने खुले में कूड़ा फेंके जाने पर नाराजगी जताते हुए सफाई व्यवस्था पर सवाल उठाए।
स्थानीय नागरिकों के अनुसार मुख्य चौक और इसके आसपास अक्सर गंदगी देखने को मिलती है। लोगों का कहना है कि रात के समय कुछ दुकानदार दुकानों से निकलने वाला कूड़ा डस्टबिन में डालने के बजाय सड़क किनारे फेंक देते हैं। सोमवार सुबह भी मुख्य चौक पर सड़ी-गली सब्जियों का कचरा बिखरा पड़ा था, जिससे आसपास दुर्गंध फैल गई। इससे बसों का इंतजार कर रहे श्रद्धालुओं के साथ राहगीरों को भी परेशानी उठानी पड़ी।
मुख्य चौक के आसपास आइसक्रीम और अन्य रेहड़ियों के स्थान पर भी सुबह के समय कागज, कुल्फी के रैपर और अन्य कचरा बिखरा दिखाई देता है। कुछ लोग इसके लिए सफाई कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराते हैं, लेकिन स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बाजार को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी दुकानदारों और रेहड़ी संचालकों की भी है। यदि कूड़ा सड़क पर फेंकने के बजाय डस्टबिन में डाला जाए तो गंदगी की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है।
लोगों ने कहा कि बाबा बालक नाथ की धार्मिक नगरी शाहतलाई में प्रदेश के अलावा बाहरी राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मुख्य चौक जैसे प्रमुख स्थानों पर खुले में कूड़ा पड़ा रहना शहर की सुंदरता को प्रभावित करने के साथ धार्मिक नगरी की छवि पर भी प्रतिकूल असर डालता है। स्थानीय लोगों ने नगर पंचायत से प्रमुख स्थानों पर नियमित निगरानी बढ़ाने और सफाई व्यवस्था को और प्रभावी बनाने की मांग की है।
नगर पंचायत तलाई के अध्यक्ष आनंद शर्मा ने सभी दुकानदारों और रेहड़ी संचालकों से अपने दुकानों व रेहड़ियों से निकलने वाला कूड़ा डस्टबिन में रखने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत का कूड़ा उठाने वाला वाहन आने पर कचरा उसमें सौंपें। उन्होंने कहा कि सामूहिक सहयोग से ही बाबा बालक नाथ की धार्मिक नगरी शाहतलाई को स्वच्छ और सुंदर रखा जा सकता है।