देवी पुराण के दिव्य वर्णन से श्रद्धालु भाव-विभोर, भक्ति में डूबा माहौल
संवाद न्यूज एजेंसी
भगेड़ (बिलासपुर)। जय बाबा नहार सिंह युवक मंडल भगोट के सौजन्य से कुठेड़ा वन विश्राम गृह के टियाले में चल रही देवी भागवत कथा के पांचवें दिन भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस दौरान डहैर के पंडित आचार्य चमन शास्त्री ने देवी पुराण का विस्तारपूर्वक वर्णन कर श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक ज्ञान से ओत-प्रोत किया। आचार्य ने कहा कि देवी भागवत पुराण में आदिशक्ति मां भगवती की अनंत महिमा का वर्णन मिलता है।
उन्होंने बताया कि देवी ही सृष्टि की मूल शक्ति हैं, जिनसे ब्रह्मा, विष्णु और महेश तक अपनी-अपनी शक्तियां प्राप्त करते हैं और उनके बिना सृष्टि का संचालन संभव नहीं है। उन्होंने मां दुर्गा द्वारा महिषासुर वध, मां चंडी के स्वरूप की महिमा तथा मां लक्ष्मी और मां सरस्वती के महत्व का वर्णन करते हुए कहा कि ये सभी स्वरूप मानव जीवन को शक्ति, धन और ज्ञान प्रदान करते हैं। देवी की उपासना से अज्ञान, भय और दुखों का नाश होता है। आचार्य ने यह भी कहा कि देवी भागवत पुराण में भक्ति, श्रद्धा और सच्चे कर्म का विशेष महत्व बताया गया है। सच्चे मन से माता की आराधना करने वाले व्यक्ति को जीवन में सफलता, शांति और सुख की प्राप्ति होती है।
नवरात्रों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि इन दिनों में देवी आराधना का विशेष फल मिलता है। कथा के दौरान भजन-कीर्तन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा स्थल पर पहुंचकर कथा का श्रवण कर रहे हैं। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की सहभागिता से आयोजन स्थल पर मेले जैसा माहौल बना हुआ है। आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि कथा का आयोजन निरंतर जारी है और प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया जा रहा है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर कथा का लाभ उठाने की अपील की। अंत में समिति ने सभी श्रद्धालुओं का धन्यवाद करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग देने वाले स्वयंसेवकों की सराहना की। पूरे क्षेत्र में इस धार्मिक आयोजन को लेकर भारी उत्साह और भक्ति का माहौल बना हुआ है।