ग्राउंड रिपोर्ट
कैंची मोड़ से मंदिर तक टूटी सड़क, जानलेवा गड्ढे, लटके पत्थर बढ़ा रहे खतरा
बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़क आज तक नहीं हुई दुरूस्त
घवांडल रोपवे से मंदिर तक संकरा मार्ग,पास लेने में होती है परेशानी
रजनीश शर्मा
मलोखर(बिलासपुर)। प्रसिद्ध शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी में हर महीने लाखों श्रद्धालु पंजाब, हरियाणा सहित देशभर से मां के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, लेकिन आस्था के इस बड़े केंद्र तक पहुंचने वाली मुख्य सड़क की हालत इन दिनों बेहद खराब है। बरसात के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़क आज तक पूरी तरह दुरुस्त नहीं हो पाई, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय भारी असुविधा का सामना करना पड़ा रहा है। ऐसे में लोगों में भारी रोष है।
श्री नयना देवी विधानसभा क्षेत्र के कैंची मोड़ से शक्तिपीठ श्री नयना देवी जी मंदिर तक कई स्थानों पर सड़क उखड़ी हुई है। बरसात के समय सड़क के हिस्से धंस गए थे और टारिंग उखड़ गई थी। कई महीने बीत जाने के बाद भी विभागीय स्तर पर स्थायी मरम्मत नहीं की गई। जगह-जगह बने गहरे गड्ढे दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। घवांडल रोपवे से मंदिर तक जाने वाला मार्ग बेहद तंग है। दो छोटे वाहनों को भी पास लेने में दिक्कत होती है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के बीचों-बीच बड़े गड्ढे हैं, जिससे वाहन चालकों को संतुलन बनाए रखना मुश्किल हो जाता है। पहाड़ी ढलानों पर कई स्थानों पर बड़े पत्थर हवा में लटके हुए हैं, जो कभी भी गिर सकते हैं। इससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। हर महीने लाखों श्रद्धालु निजी वाहनों, सरकारी बसों और टूरिस्ट बसों के माध्यम से यहां पहुंचते हैं। श्रद्धालुओं की संख्या से सरकार और मंदिर ट्रस्ट को करोड़ों रुपये का राजस्व प्राप्त होता है। मंदिर के सौंदर्यीकरण और रखरखाव पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन मुख्य मार्ग की मरम्मत पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा।
सड़क की खराब स्थिति के कारण अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। त्योहारों और नवरात्रों के दौरान हालात और गंभीर हो जाते हैं। लंबा जाम लगने से श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को घंटों फंसे रहना पड़ता है। श्रद्धालुओं का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत, ढलानों की सुरक्षा और चौड़ीकरण का कार्य नहीं हुआ तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। श्रद्धालु विनोद, सुमित्रा, दर्शन सिंह, सरदार अमरजीत सिंह, पहलवान दीवान सिंह, अक्षित, रमा, पूर्णिमा सहित कई लोगों ने मांग की कि कैंची मोड़ से मंदिर तक सड़क की तुरंत मरम्मत करें, खतरनाक ढलानों से लटके पत्थरों को हटाया जाए, संकरे मार्ग का चौड़ीकरण किया जाए, नियमित निरीक्षण और आपातकालीन मरम्मत व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आस्था के इस विश्व प्रसिद्ध केंद्र तक पहुंचने वाले मार्ग को प्राथमिकता के आधार पर सुधारा जाए, ताकि लाखों श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुगम बन सके। संवाद
इनसेट
लगाए गए हैं चेतावनी बोर्ड
बरसात में जहां-जहां भी भूस्खलन हुआ है वहां पर विभाग ने चेतावनी बोर्ड लगाए हैं। इन पर साफ चेतावनी लिखी गई है कि आगे मार्ग खराब है तो वाहन चालक संभलकर सफर करें।
कोट
लोक निर्माण विभाग को सड़क के मरम्मत कार्य के लिए कहा गया है, विभाग ने इसे शुरू कर दिया है। प्रशासन का प्रयास है कि इसे जून से पहले दुरुस्त कर दिया जाए।
धर्मपाल, एसडीएम श्री नयना देवी जी
श्री नयना देवी जी सड़क पर लगाया गया गया बोर्ड। संवाद