सिर्फ 23 स्कूलों ने लिया जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग
संस्कृत अध्यापक भी रहे निष्क्रिय, संस्कृत श्लोक प्रतियोगिता में नहीं पहुंचे बच्चे
शिक्षा विभाग बोला- अगली बार हर स्कूल से सुनिश्चित की जाएगी भागीदारी
नीरज महाजन
भराड़ी(बिलासपुर)। घुमारवीं उपमंडल के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला दधोल में तीन दिवसीय जिला स्तरीय सांस्कृतिक प्रतियोगिता में जिले के सभी स्कूलों को आमंत्रित किया गया था, लेकिन केवल 23 स्कूलों ने ही भाग लिया। शेष स्कूलों के विद्यार्थी जिला स्तर के इस कार्यक्रम तक नहीं पहुंचे।
यह स्थिति तब है जब शिक्षा विभाग की ओर से समय पर सूचना जारी की गई थी और प्रतियोगिता की तैयारियां पहले से चल रही थीं। कई स्कूल ऐसे भी हैं जहां संगीत अध्यापक के साथ प्रधानाचार्य स्वयं संगीत से जुड़े हैं, लेकिन उनके स्कूलों के विद्यार्थी भी मंच तक नहीं पहुंचे। कार्यक्रम में संस्कृत श्लोक और गीतिका जैसी विधाएं भी शामिल थीं, पर संस्कृत पढ़ाने वाले स्कूलों के विद्यार्थी भी इस प्रतियोगिता से दूर रहे। इससे संस्कृत अध्यापकों की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। अभिभावकों का कहना है कि जब स्कूलों में संगीत अध्यापक नियुक्त हैं और उन्हें हजारों रुपये का वेतन दिया जा रहा है, तो यह उनकी जिम्मेदारी बनती है कि वे विद्यार्थियों को ऐसे मंचों के लिए तैयार करें। कुछ अभिभावकों ने यह भी कहा कि विभाग को उन अध्यापकों से जवाब तलब करना चाहिए जो वर्षों से सांस्कृतिक कार्यक्रमों से अपने स्कूलों को दूर रखे हुए हैं। संवाद
जिला में सात स्कूलों में संगीत अध्यापक कार्यरत हैं और सभी स्कूलों को प्रतियोगिता में भाग लेने के निर्देश दिए गए थे। उन्होंने कहा कि भविष्य में हर स्कूल के विद्यार्थियों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही संस्कृत अध्यापक भी विद्यार्थियों को तैयारी करवाएं, इस पर भी ध्यान दिया जाएगा। - रेणु कौशल, शिक्षा उपनिदेशक