फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पेंशनरों की वित्तीय मांगों के लिए आगामी बजट में विशेष प्रावधान करे सरकार : आत्माराम

विज्ञापन
विज्ञापन
15 से 20 लाख रुपये प्रति व्यक्ति का बकाया सरकार के पास लंबित
विज्ञापन

-10 फरवरी तक कोई कार्रवाई न करने पर दी आंदोलन की चेतावनी

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पेंशनर वेलफेयर एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से पेंशनरों की लंबित वित्तीय समस्याओं के समाधान के लिए आगामी बजट 2025 में विशेष प्रावधान करने की मांग की है। प्रदेश प्रधान आत्माराम शर्मा, महासचिव ठाकुर हुकुम सिंह ने संयुक्त बयान में कहा कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त हुए पेंशनरों का 15 से 20 लाख रुपये प्रति व्यक्ति बकाया सरकार के पास लंबित है।
उन्होंने कहा कि इस वित्तीय देनदारी के कारण इन पेंशनरों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। एसोसिएशन ने सरकार की ओर से 2024 में पेंशनरों को दिए गए आंशिक वित्तीय लाभ का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि 2025 के बजट में 2016 से 2022 के बीच सेवानिवृत्त पेंशनरों की लंबित देनदारियों का भुगतान, छठे वेतन आयोग के एरियर का एकमुश्त भुगतान, 42 महीनों के महंगाई भत्ते के एरियर की अदायगी, लंबित 11 फीसदी महंगाई भत्ते की तीन किस्तों का भुगतान, चिकित्सा बिलों की अदायगी के लिए विशेष बजट प्रावधान किया जाए। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री से अनुरोध किया है कि पेंशनरों की समस्याओं के समाधान के लिए ज्वाइंट कंसल्टेटिव कमेटी (जेसीसी) का गठन किया जाए। पेंशनरों ने प्रदेश के विकास में अहम भूमिका निभाई है और आवश्यकता पड़ने पर सरकार का सहयोग करते रहे हैं। अब समय आ गया है कि सरकार उनकी लंबित वित्तीय समस्याओं का समाधान करे।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिला महामंत्री चेतराम वर्मा ने कहा कि यदि सरकार ने 10 फरवरी तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए, तो पेंशनर एसोसिएशन संघर्ष का रास्ता अपनाने को मजबूर होगी। वर्तमान सरकार ने अभी तक पेंशनरों को मिलने का समय भी नहीं दिया है। यदि बजट में पेंशनरों की मांगों को शामिल नहीं किया गया, तो विरोध प्रदर्शन के सिवाय कोई विकल्प नहीं रहेगा। सरकार से अपील की कि बजट को अंतिम रूप देने से पहले पेंशनरों के मुख्य पदाधिकारियों से चर्चा का समय प्रदान करें। सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि प्रदेश के वरिष्ठ नागरिकों को सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर न होना पड़े।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें