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Bilaspur News: बिलासपुर में लाल पत्थर उद्योग बहाल करने की मांग

Wed, 22 Apr 2026 05:43 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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2006 से बंद पड़ी प्रक्रिया शुरू कर उर्वरक संयंत्र लगाने की उठी आवाज
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सीएम सुक्खू और केंद्रीय मंत्री नड्डा से की हस्तक्षेप की अपील

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बंदला क्षेत्र में पाए जाने वाले विशेष लाल पत्थर का मुद्दा अब फिर से उठने लगा है। एक समय इस पत्थर की विधिवत लीज होती थी और इसे पंजाब के नंगल स्थित नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड भेजा जाता था, जहां इससे कैन नामक खाद तैयार की जाती थी। 2006 के बाद यह प्रक्रिया बंद हो गई, जिससे एक महत्वपूर्ण औद्योगिक गतिविधि ठप पड़ गई। इसके साथ ही इससे जुड़े हजारों लोगों के रोजगार भी समाप्त हो गए।
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बिलासपुर में हिमकोफेड के निदेशक आशीष ठाकुर ने बताया कि उस समय इस उद्योग से स्थानीय किसान, मजदूर, वाहन चालक और बेरोजगार युवा प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से जुड़े हुए थे। लाल पत्थर के खनन, ढुलाई और प्रसंस्करण से बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका चलती थी। उद्योग बंद होने के बाद क्षेत्र में बेरोजगारी बढ़ी और आर्थिक गतिविधियां कमजोर पड़ गईं। आज भी स्थानीय लोग इसके दोबारा शुरू होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की, ताकि बंद पड़ी प्रक्रिया को दोबारा शुरू कराया जा सके। साथ ही केंद्रीय रसायन एवं उर्वरक मंत्री जगत प्रकाश नड्डा से भी आग्रह किया कि वह अपने मंत्रालय के माध्यम से बिलासपुर में नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड की तर्ज पर उर्वरक संयंत्र स्थापित करवाएं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा हों। कहा कि बंदला क्षेत्र में पाए जाने वाले लाल पत्थर का दोबारा सर्वे कराया जाना चाहिए, ताकि इसके उपयोग और संभावनाओं का आकलन किया जा सके। यदि इस उद्योग को दोबारा शुरू किया जाता है तो क्षेत्र की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। कहा कि यह मामला केवल एक उद्योग का नहीं, बल्कि बिलासपुर के हजारों लोगों की आजीविका से जुड़ा हुआ है। इसलिए सरकार को इस दिशा में जल्द ठोस कदम उठाने चाहिए।
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