दंपती ने पत्रकार वार्ता कर प्रारंभिक जांच में सहयोग न मिलने का लगाया आरोप
लदरौर में 1 फरवरी को दंपती के साथ हुई थी मारपीट
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर और हमीरपुर जिले की सीमा पर लरदौर में दंपती सुनील और मीना ने मारपीट की एक घटना को लेकर पुलिस अधीक्षक बिलासपुर और प्रदेश सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। दंपती ने मामले में निष्पक्ष जांच न होने और प्रारंभिक स्तर पर पुलिस सहयोग न मिलने का आरोप भी लगाया है।
बिलासपुर में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि 1 फरवरी की शाम करीब सात बजे वे अपनी बेटी को छोड़कर लदरौर स्थित दुकान पर लौटे थे। इसी दौरान एक ठेकेदार के बेटे और उसके साथियों ने शराब की खाली बोतलें हटाने को लेकर उनसे बहस शुरू कर दी, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। इस घटना में दोनों बुरी तरह घायल हो गए। सुनील ने आरोप लगाया कि घटना के बाद जब वे शिकायत लेकर लदरौर पुलिस चौकी पहुंचे तो उन्हें सहयोग नहीं मिला। शिकायत दर्ज करने में अनावश्यक देरी की गई और समय पर मेडिकल परीक्षण भी नहीं करवाया गया। उन्होंने बताया कि भोरंज पुलिस द्वारा पांच दिन तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे उन्हें मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। बाद में पुलिस अधीक्षक को शिकायत देने पर मामला बिलासपुर जिले की भराड़ी पुलिस को सौंपा गया, क्योंकि उनकी दुकान बिलासपुर सीमा के अंतर्गत आती है। वर्तमान में भराड़ी पुलिस मामले की जांच कर रही है। दंपती ने बताया कि मारपीट में घायल मीना की हालत अभी भी पूरी तरह ठीक नहीं है। सरकारी स्वास्थ्य संस्थान में भर्ती रहने के दौरान डॉक्टरों द्वारा जबरन छुट्टी देने का दबाव बनाया गया, जिसके चलते उन्हें दोबारा अस्पताल में भर्ती होना पड़ा। दंपती ने मुख्यमंत्री से निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि उन्हें न्याय दिलाने के लिए पुलिस और प्रशासन को संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करनी चाहिए।