वन विभाग ने लकड़ी कब्जे में लेकर शुरू की जांच
वन या निजी भूमि पर कटान को लेकर संशय, पटवारी की रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं (बिलासपुर)। ग्राम पंचायत पनौल के टिक्कर गांव में दो बड़े चीड़ के पेड़ काटे जाने का मामला सामने आया है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दोनों पेड़ों की लकड़ी को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि पेड़ वन भूमि से काटे गए हैं या निजी भूमि से। इसका खुलासा राजस्व विभाग की सीमांकन रिपोर्ट मिलने के बाद ही होगा।
रविवार सुबह सड़क किनारे दो बड़े चीड़ के पेड़ काटे जाने की सूचना वन विभाग को मिली। शिकायत मिलते ही संबंधित बीट के फॉरेस्ट गार्ड मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि पेड़ों को आरा मशीन से काटा गया था। इसी दौरान किसी ने इसकी सूचना वन विभाग को दे दी। इसके बाद विभाग ने मौके से दोनों पेड़ों की लकड़ी कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।
पेड़ काटे जाने की घटना को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर भी जारी है। पेड़ काटने वाले पक्ष का दावा है कि दोनों पेड़ उनकी मलकियत भूमि पर थे और उन्हें निजी उपयोग के लिए काटा गया है। वहीं, घटनास्थल की स्थिति को देखते हुए वन विभाग को प्रथम दृष्टया संदेह है कि पेड़ सरकारी भूमि से भी काटे गए हो सकते हैं। मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित पटवारी से सीमांकन कर भूमि संबंधी रिपोर्ट मांगी गई है।
वन विभाग का कहना है कि यदि जांच में पेड़ निजी भूमि पर पाए जाते हैं, तब भी यह जांच की जाएगी कि उनके कटान के लिए विभाग से आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं। सीमांकन रिपोर्ट मिलने के बाद ही मामले में कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल वन विभाग ने लकड़ी को कब्जे में लेकर मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।