शिव मंदिर में हवन यज्ञ के बाद लगाया भंडारा
संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। ग्राम पंचायत बड़गांव शिव मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन श्रद्धालुओं ने भावपूर्ण भक्ति और ज्ञान की अमूल्य सीखों का अनुभव किया। कथा व्यास सुशील शर्मा ने उद्धव और गोपियों की कथा का वर्णन करते हुए बताया कि श्रीकृष्ण ने ज्ञान के अभिमानी उद्धव को ब्रज भेजा, ताकि वे गोपियों के निश्छल प्रेम की परीक्षा लें और उन्हें योग और ब्रह्म का संदेश दें। उद्धव ने गोपियों को निर्गुण ज्ञान का उपदेश दिया, लेकिन गोपियों ने अपने प्रेममय आंसुओं से उनका अहंकार चूर कर दिया। इससे उद्धव स्वयं गोपियों के प्रेम के भक्त बन गए। कृष्ण ने अपने मित्र उद्धव को यह संदेश देने भेजा था, ताकि गोपियों को उनके विरह का दुख कम हो सके और प्रेम और भक्ति की शक्ति को अनुभव किया जा सके। गोपियां उद्धव से पूछती हैं कि क्या श्रीकृष्ण स्वस्थ और प्रसन्न हैं। श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं को याद करके वे भावुक हो जाती हैं। उद्धव योग साधना और ज्ञान के माध्यम से गोपियों को ब्रह्म में लीन होने की शिक्षा देते हैं, लेकिन गोपियां कहती हैं कि कृष्ण के प्रेम के बिना उनका ज्ञान अधूरा है। संवाद के बीच एक भौंरा भी कथा का हिस्सा बनता है, जिसके माध्यम से गोपियां उद्धव को ताने मारती हैं और श्रीकृष्ण के प्रेम का वर्णन करती हैं। गोपियों के अटूट प्रेम और निस्वार्थ भक्ति को देखकर उद्धव समझ गए कि प्रेम से बड़ा कोई ज्ञान नहीं है। वे गोपियों के प्रेम के सामने नतमस्तक हुए और स्वयं को धन्य मानते हैं।
कथा के समापन अवसर पर मंदिर में हवन यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें उपस्थित श्रद्धालुओं ने आहुतियां डालीं। हवन यज्ञ के बाद भंडारे का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कमेटी के प्रधान सुनीत सिंह, निर्मल गौतम, हरकेश गौतम, रणवीर सिंह, कुलदीप चंद, कृष्ण चंद, राजेश कुमार सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।