बल्ह गांव में आयोजित कथा में मौजूद श्रद्धालु व कथावाचक। स्रोत: आयोजक
कथा में श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का भी विस्तार से वर्णन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बल्ह चांदपुर में श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जा रहा है। चौथे दिन मंगलवार को जैसे ही श्रीकृष्ण के प्राकट्य और उससे जुड़े प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन प्रारंभ किया तो पूरा पंडाल जयकारों और भजनों से गूंज उठा।
बड़ी संख्या में महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे कथा श्रवण के लिए उपस्थित रहे और भगवान श्रीकृष्ण के दिव्य प्रसंगों पर भावविभोर नजर आए। श्रीधाम वृंदावन से पधारे कथा वाचक श्री राम सखा महाराज ने श्रीकृष्ण अवतरण से पूर्व की परिस्थितियों, कंस के अत्याचार, देवताओं की प्रार्थना तथा वासुदेव-देवकी के प्रसंग का अत्यंत सरल और भावपूर्ण शैली में वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान किसी न किसी रूप में अवतरित होकर धर्म की स्थापना करते हैं। जैसे ही श्रीकृष्ण के आगमन से जुड़े प्रसंगों का वर्णन हुआ, पूरा पंडाल नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के जयकारों से गूंज उठा। श्रद्धालु भजनों पर झूम उठे। इसके बाद श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया गया, जिसमें माखन चोरी, पूतना वध और गोपियों के साथ उनकी लीलाओं का सजीव चित्रण किया गया। कथा वाचक ने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन प्रेम, करुणा और धर्म का संदेश देता है, जिसे आत्मसात करना ही मानव जीवन का उद्देश्य है। श्रीमद्भागवत कथा 1 मई तक चलेगी। कथा प्रतिदिन दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक आयोजित की जा रही है।