श्री नयनादेवी जी (बिलासपुर)। शारदीय नवरात्रों के तीसरे दिन विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री नयनादेवी जी में सोमवार को 3408 श्रद्धालुओं ने शीश नवाया। लेकिन दोपहर 12 बजे के बाद बाजार में सन्नाटा पसर गया। इससे कारोबारी मायूस हो गए। कोरोना के चलते सात माह बाद नवरात्रों में श्रद्धालुओं के लिए शक्तिपीठ के द्वार खुले हैं। कारोबारियों को उम्मीद जगी थी कि अच्छा कारोबार होगा, लेकिन श्रद्धालुओं की कम संख्या से उनके चेहरों पर मायूसी छा गई है।
विश्वविख्यात शक्तिपीठ श्री नयनादेवी में तीसरे नवरात्रे के दिन श्रद्धालुओं की संख्या अपेक्षाकृत कम रही। हालांकि रविवार को भारी संख्या में श्रद्धालु मां नयनादेवी के दरबार पहुंचे। श्रद्धालुओं की संख्या कम होने के कारण सोशल डिस्टेंसिंग का पालन भी होता रहा। श्रद्धालुओं की संख्या कम होने के कारण बाजार में भी रौनक कम नजर आई। कोविड-19 के चलते लोग मंदिरों में आने से कतरा रहे हैं।
शनिवार को रात 12 बजे तक 9148, रविवार को रात 12 बजे तक 12354, सोमवार को 3408 श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचे। दूसरे नवरात्रे पर 9 लाख 25 हजार नकदी, 32.300 ग्राम सोना, 1.560 किलोग्राम चांदी, विदेशी मुद्रा के रूप में एक डॉलर चढ़ावे के रूप में चढ़ा। यह जानकारी मंदिर न्यास के अधीक्षक तुलसीराम ने दी।