केंद्र सरकार की ओर से 500 और हजार रुपये के नोट बंद करने के बाद उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ नयना देवी में रोज के करीब 50 हजार रुपये पुराने नोटों का चढ़ावा चढ़ा। हालांकि इससे पूर्व में भी श्रद्धालु 500 और हजार के नोट चढ़ाते थे। लेकिन, उनकी संख्या नाम मात्र ही होती थी। नोटबंदी के बाद मंदिर में 500 और हजार रुपये के नोटों के चढ़ावें में बढ़ोतरी हुई है। खबर की पुष्टि मंदिर अधिकारी मदन चंदेल ने की है।
मंदिर न्यास से मिली जानकारी के अनुसार पिछले 50 दिनों में श्री नयना देवी शक्तिपीठ 44 लाख 14 हजार 500 रुपये के पुराने नोट चढ़ावे के रूप में चढ़ाए हैं। हालांकि मंदिर न्यास ने 500 और हजार रुपये के नोटों की पर्ची काटना बंद कर दी थी।
इसके बाद भी श्रद्धालुओं ने दान पात्रों में हर रोज एक लाख पुराने नोट चढ़ावे के रूप में डाले हैं। इन नोटों को मंदिर द्वारा न्यास के खाते में जमा करवा दिया है। मंदिर अधिकारी मदन चंदेल ने बताया कि मंदिर में पुराने नोट चढ़ाने की पर्चियां काटना बंद कर दी गई थीं, इसके बावजूद श्रद्धालुओं ने दानपात्रों में इन नोटों को चढ़ाया है।
8 नवंबर से लेकर 30 दिसंबर 2016 तक मंदिर में चढ़ावे के रूप में 1000 के 2349 और 500 के 4131 नोट श्रद्धालुओं ने चढ़ाए है। इस रकम को बाद में मंदिर न्यास के खाते में जमा कर दिया गया है।