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गैरकानूनी अधिग्रहण के लिए सरकारी अधिकारियों ने रचा ड्रामा

Sun, 02 Oct 2016 11:52 PM IST
रितेश गुलेरिया / अमर उजाला, बिलासपुर।
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Fraud
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कीरतपुर से नेरचौक फोरलेन निर्माण में आए दिन नए खुलासे हो रहे है। हालत ऐसी है कि निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए बड़े अधिकारियों ने मिलकर जांच का ड्रामा तक रच दिया।
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इसमें उपायुक्त के आदेशों का हवाला दिया गया। मगर इस पूरे ड्रामे की पोल सूचना के अधिकार से मिली सूचना से खुल गई। प्राप्त रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि ऐसी कोई कार्रवाई हुई ही नहीं है। इससे साफ हो गया है कि उच्च अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच का ड्रामा, निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए रचा था।

गैरकानूनी रूप से किया जमीन का अधिग्रहण
उल्लेखनीय है कि फोरलेन निर्माण में एक निजी कंपनी को करोड़ों का लाभ पहुंचाने के लिए गैर कानूनी रूप से भूमि अधिग्रहण किया था। जिसको लेकर प्रभावितों ने विभाग को शिकायत पत्र दिया था। हालांकि इसके बाद तत्कालीन उपायुक्त मानसी सहाय ठाकुर ने इसकी जांच के लिए भू-अर्जन अधिकारी को आदेश दिए थे। इसके बाद कार्रवाई के लिए भू-अर्जन अधिकारी एनएचएआई कानूनगो, पटवारी और तहसीलदार के अलावा स्थानीय पटवारी, कंपनी के उच्च अधिकारी और शिकायतकर्ता को मौके पर बुलाया गया।
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दिन भरी चली जांच के बाद सभी अधिकारी शिकायतकर्ता को आश्वासन दे कर चले गए। मगर इसके बाद भी गैर कानूनी रूप से भू-अधिग्रहण जारी रहा। गैर कानूनी रूप से हो रहे भू-अधिग्रहण के बारे में जब शिकायतकर्ता ने दिनांक 07.06.2016 को मौके पर पहुंचे अधिकारियों की कार्रवाई रिपोर्ट मांगी और उपायुक्त की आदेश की छाया प्रति की मांग की तो सूचना में दिया गया कि इस कार्यालय में न ही कार्रवाई की कोई रिपोर्ट है और न ही उपायुक्त के आदेशों की कोई कॉपी है।

इससे साफ है कि उक्त अधिकारियों ने निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए जांच का हाईप्रोफाइल ड्रामा रचा था। एनएचएआई के सूचना अधिकारी तहसीलदार अजित सिंह ने यह जानकारी दी है।

इस संबंध में फोरलेन विस्थापित एवं प्रभावित समिति के महासचिव मदल लाल शर्मा ने कहा कि उक्त अधिकारियों ने अपने पद का दुरुपयोग करके निजी कंपनी को लाभ पहुंचाने के लिए उक्त जांच का ड्रामा रचा था। इसमें मौके पर बुलाकर शिकायतकर्ता और आम लोगों का समय नष्ट किया। उन्होंने विस्थापितों और प्रभावितों से मांग की है कि जो भी अधिकारी अब मौके पर आए तो उससे आदेश की कॉपी की मांग करें।

प्रधानमंत्री राष्ट्रपति को भेजा 350वां पत्र
प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई न होने पर विस्थापितों ने इस संबंध में प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति को रोज शिकायतें भेज रहे हैं। शनिवार को इस संबंध में 350वां पत्र भेज दिया गया हैं। जब तक उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच नहीं होगी ऐसे ही हर रोज शिकायत पत्र भेजते रहेंगे।
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