गोबिंद सागर झील में नहाते हुए डूबे कंदरौर के चमेल सिंह का शव अभी तक नहीं मिला है। उसके परिवार को एक और बड़ा झटका लगा है। चमेल सिंह के डूबने की खबर के सदमे से उसके दादा हरिराम की सोमवार को मौत हो गई। इससे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। बताया जा रहा है कि चमेल सिंह के दादा बीमार चल रहे थे।
बताते चलें कि बिलासपुर शहर से करीब सात किलोमीटर दूर कंदरौर के पास बीते रविवार को चमेल सिंह नहाते समय डूब गया था। जैसे ही दादा हरिराम ने अपने लाडले पौते के डूबने की खबर सुनी, तो वह इस सदमे को सहन नहीं कर पाए। इससे उनकी मौत हो गई। 24 घंटे के भीतर घर के बुजुर्ग हरिराम मौत और युवा चमेल सिंह के डूबने से घर में मातम छा गया है। उधर, अभी तक झील में डूबे चमेल सिंह का शव नहीं मिला है।
झील में शव ढूंढते रहे गोताखोर
पुलिस के साथ ग्रामीण और गोताखोरों ने घटना के दूसरे दिन गोबिंद सागर झील में शव को खोजने का प्रयास किया। लेकिन, कामयाबी नहीं मिल पाई है। मांहूनाग डाइविंग एसोसिएशन के गोताखोर दिनभर झील में शव को ढूंढते रहे। ग्रामीणों ने भी अपने स्तर पर शव को खोजने के लिए अभियान छेड़ा, लेकिन शाम तक ग्रामीणों को भी निराशा ही हाथ लगी।
झील में डूबे युवक के शव को ढूंढने का प्रयास जारी है। पुलिस गोताखोरों की मदद से शव को खोजने में लगी हुई है।
-राहुल नाथ, पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर।