बिलासपुर (रामपुर)। भैया दूज के दिन फांसी पर लटकी महिला उषा देवी की मौत लटकने की वजह से ही हुई थी। जबकि, उषा के मायके वालों ने ससुराल वालों पर गला घोंटकर हत्या करने के आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराने को कोतवाली में तहरीर दी है।
ज्ञात हो कि कोतवाली के ग्राम पिपलिया गोपाल निवासी पातीराम की पत्नी उषा देवी की फांसी पर लटकने की बजह से मौत हो गई थी। ग्रामीणों ने बताया था कि उषा का शुक्रवार की दोपहर अपने पति मायके भैया दूज पर जाने को लेकर विवाद हो गया था। विवाद के बाद मारपीट भी हुई थी। इसके बाद पातीराम घर से बाहर चला गया था। इस दौरान कमरे में बंद होकर उषा ने पंखे पर झूलकर आत्महत्या करने के उद्देश्य से फोसी लगा ली थी। महिला की मौत के बाद उसके दोनों पुत्रों आकाश व विकास ने लोगों की मददसे अपनी मां को पंखे से गंभीर हालत में उतारा था। इसके बाद वह नगर व रुद्रपुर के अस्पताल भी उपचार के लिए ले गए थे, जहां उसकी मौत हो गई थी। इस बीच मायके वाले भी मृतका के गांव पहुंच गए थे। पुलिस ने शव पोसटमार्टम को भेज दिया था।कोतवाली प्रभारी गौरव सिंह यादव ने बताया कि शनिवार को महिला का पोस्टमार्टम चिकित्सकों के पैनल ने किया है। पीएम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण हैंगिंग आया है। यानि चिकित्सकों की नजर में महिला की मौत लटकने की बजह से हुई है। वहीं, शनिवार को महिला के मायके वाले कोतवाली पहुंचे और ससुराल वालों पर महिला की गला घोंटकर हत्या करने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि जिस पंखे पर ससुराल वाले लटककर मौत होना बता रहे हैं, वह पंखा इतना मजबूत नहीं है कि वह महिला के बजन को रोक पाए। फांसी लगने के बाद महिला की जीभ मुंह के बाहर क्यों नहीं निकली? आदि सवालों को मायके वालों ने पुलिस के सामने दागते हुए ससुराल वालों के खिलाफ हत्या करने की तहरीर दी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आ गई है और अब जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।