अमर उजाला ब्यूरो
स्वारघाट (बिलासपुर)।
स्वारघाट के दो एटीएम में डालने के लिए दिए गए करीब 12 लाख 31 हजार रुपये के हेरफेर का मामला सामने आया है। यह रकम स्वारघाट के पीएनबी और यूको बैंक के एटीएम में डाली जानी थी। मगर पैसे डालने का काम करने वाली निजी कंपनी के कर्मचारियों ने इन पैसों को एटीएम में नहीं डाला। हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि आरोपियों ने इस पैसे का क्या किया। पुलिस ने सिक्योरिटी इंडिया प्राईवेट लिमिटेड कंपनी की शिकायत के आधार पर दोनों कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
कंपनी प्रभारी दीपक शर्मा ने शिकायत में बताया है कि उनकी कंपनी हिमाचल सहित पंजाब और हरियाणा की एटीएम मशीन में पैसे डालने का काम करती है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने दो कर्मचारियों राजन प्रभाकर और पवन कुमार को स्वारघाट की पीएनबी और यूको बैंक की दो एटीएम में 15 लाख 86 हजार 700 रुपये डालने को दिए थे। इसमें कंपनी ने नवंबर 2016 को दोनों कर्मचारियों को पीएनबी की एटीएम में 13 लाख 19 हजार 200 रुपये डालने को दिया। मगर दोनों ने एटीएम में करीब 9 लाख 64 हजार रुपये की राशि डाली ही नहीं। इसके बाद स्वारघाट की यूको बैंक एटीएम में भी दिसंबर 2016 में 2 लाख 67 हजार रुपये डालने को दिए गए। मगर दोनों ने यूको बैंक की एटीएम में एक भी रुपया नहीं डाला। इस तरह से दोनों आरोपियों ने करीब 12 लाख 21 हजार रुपये की राशि का गबन किया है। इस संबंध में कंपनी ने अपने दो कर्मचारियों राजन प्रभाकर व पवन कुमार के खिलाफ 12 लाख 31 हजार रुपये की धनराशि का गबन की शिकायत स्वारघाट पुलिस थाने में दर्ज करवाई है। पुलिस ने इस संबंध में आईपीसी की धारा 406 के तहत मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। डीएसपी श्री नयनादेवी बलदेव दत्त ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि कंपनी ने दो कर्मचारियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 406 के तहत गबन के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस मामले की गहनता से छानबीन में जुटी हुई है।