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आरोप: प्रशिक्षु छात्र के इंजेक्शन लगाने से हुई युवक की मौत

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इंजेक्शन - फोटो : डेमो फोटो
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अमर उजाला ब्यूरो

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बिलासपुर।
जिला अस्पताल में वीरवार को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत मामले में नर्सों पर लापरवाही का आरोप लगाया गया है। मृतक के परिजनों का कहना है कि नर्सों ने युवक को वह इंजेक्शन लगा दिए थे जो मरीज की पर्ची पर लिखे हुए नहीं थे।

इसके अलावा परिजनों ने आरोप लगाया है कि अस्पताल में कार्यरत नर्सें खुद ड्यूटी न कर वहां पर अन्य मेडिकल कॉलेज से प्रशिक्षु छात्राओं को मरीजों की देखभाल के लिए भेजती हैं। जबकि वह खुद एक बार भी वार्ड में मरीजों को देखने नहीं आती हैं। परिजनों का आरोप है कि उनके बेटे की मौत नर्सों की लापरवाही के कारण हुई है। उन्होंने प्रदेश सरकार और प्रशासन से मांग की है कि उनके बेटे की मौत के मामले की जांच की जाए।
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उल्लेखनीय है कि बिलासपुर अस्पताल में उपचाराधीन युवक की वीरवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इससे गुस्साए मृतक के परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा भी किया। युवक की बहन चंपा देवी का कहना है कि अस्पताल प्रबंधन और नर्सों पर लापरवाही से युवक की मौत हुई है। क्योंकि नर्सों ने उसके भाई को गलत इंजेक्शन लगा दिया। इंजेक्शन के बाद वह पांच मिनट तक तड़पता रहा। बाद में उसकी मौत हो गई। युवक को उल्टी और दस्त के कारण अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। घटना के बाद हंगामे को शांत करने के लिए अस्पताल में पुलिस भी पहुंची थी। उसके बाद मामला शांत करवाया गया था।

जिस तरह से परिजनों ने नर्सों पर लापरवाही का आरोप लगाया है उससे यह साफ है कि जिला अस्पताल में नर्सें अपने काम को लेकर गंभीर नहीं है। मामले की जांच एमएस राजेश आहलूवालिया कर रहे हैं। जांच के बाद ही मौत के कारणों और लापरवाही की वजह सामने आ पाएगी ।
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जांच पर होगी कार्रवाई
मामले की जांच डॉक्टर आहलूवालिया कर रहे हैं। मामले को लेकर जल्द ही रिपोर्ट तलब की जाएगी। अगर मामले में लापरवाही पाई गई तो दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
वीके चौधरी, सीएमओ बिलासपुर

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