पूछताछ की गई तो सात बीघा जमीन के विवाद में हत्या की सनसनीखेज वारदात का खुलासा हुआ। पुलिस का दावा है कि दोनों ने गला दबाकर और रस्सी से नरेश पाल की हत्या की। इसके बाद शव को उसके ही खेत में दबाने की बात स्वीकारी।
पुलिस दोनों आरोपियों को लेकर ईंख के खेत में पहुंची। इस दौरान सैकड़ों ग्रामीण जमा हो गए। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने गड्ढ़ा खुदवाना शुरू किया। करीब सात फीट गहरे गड्ढ़े से नरेश का सड़ी गली अवस्था में शव बरामद हो गया। करीब दो माह पहले हत्या की यह वारदात अंजाम दी गई थी।
दूसरे गड्ढ़े से किसान के जूते बरामद किए गए। सीओ दिलीप सिंह, थाना प्रभारी अनुराग शर्मा ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जमीन को लेकर दोनों भाईयों के बीच विवाद था। वारदात में चार लोगों के नाम सामने आए हैं। पास के ही गांव जिवाना के दो आरोपी मनोज और हरवीर अभी फरार है।
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है।
परिवार में बच्चे नहीं थे। इस वजह से नरेश अकेला पड़ गया। ग्रामीण बताते हैं कि दो साल पहले नरेश ने अपने हिस्से की जमीन बेचने का प्रयास किया था। मगर रमेश पाल ने किसी तरह मामला संभाल लिया। परिवार की पंचायत ने फैसला किया कि नरेश की जमीन को ठेके पर रमेश रखेगा और इसके रुपये उसे मिलते रहेंगे। ऐसा ही किया भी गया। पिछले दिनों नरेश ने अपनी जमीन को खुद बोने की बात कहकर वापस ले लिया। यहीं पर दोनों भाईयों के बीच तकरार बढ़ी और मामला हत्या तक पहुंच गया। ब्यूरो