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क्लिंकर की 200 गाड़ियों की जगह अब सिर्फ हो रही 50 गाड़ियों की मांग

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बरमाणा(बिलासपुर)। सीमेंट फैक्टरी एसीसी में सिविल सप्लाई सीमेंट ढुलाई भाड़ा रेट बढ़ाना तो दूर उल्टा आधी सिविल सप्लाई ढुलाई का कार्य भी जाने की कगार पर है। सिविल सप्लाई और ढुलाई का भाड़ा बड़े हुए डीजल के मुताबिक दिलवाने में बीडीटीएस प्रधान नाकाम रहे हैं। सभा के प्रधान की नाकामी के चलते लंबे दूरी वाले स्टेशनों का कार्य भी किसी अन्य के साथ समझौता हो जाने से ऑपरेटरों को नुकसान होगा।
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बीडीटीएस बरमाणा के पूर्व प्रधान एवं कार्यकारिणी सदस्य रमेश ठाकुर, पूर्व महासचिव कुलदीप गौतम, चंदू राम ठाकुर, प्रदीप ठाकुर, पवन कौशल, विनय वर्मा, कमल किशोर ने कहा है कि सभा के साथ एसीसी प्रबंधन समझौते के मुताबिक पंजाब और अन्य दूरी के स्टेशनों की मांग बढ़ाई जानी थी तभी सभा के ऑपरेटरों ने मल्टी एक्सल गाड़ियां डाली थीं। इन्होंने कहा कि लंबी दूरी के सीमेंट डंप को भेजे जाने वाली एसीसी से गाड़ियों की मांग कम हुई है। लुधियाना की पूर्व में 50 गाड़ियां प्रतिदिन मांग में रहती थीं जो कि अब घटकर 24 के करीब रह गई हैं। इसी प्रकार पंचकूला, अमृतसर, जालंधर, पठानकोट, होशियारपुर, गुरदासपुर इत्यादि पंजाब के डंपो की मांग प्रतिदिन घट रही है। माल ढुलाई के लिए लंबे स्टेशनों की मांग कम होने के कारण 5 से 6 दिन इंतजार करना पड़ रहा है।
एसीसी प्रबंधन ज्यादातर सीमेंट आनंदपुर, खानपुर को इत्यादि स्टेशनों को भेज रही है। यही नहीं पंजाब का खन्ना सीमेंट डंप भी बंद कर दिया है। क्लिंकर की पहले 150 से 200 के करीब गाड़ियों की मांग प्रतिदिन रहती थी लेकिन अब 40 से 50 गाड़ियों की मांग हो रही है। वहीं गाड़ियों से सीमेंट अनलोडिंग़ के समय डाला भी 11 प्रति मीट्रिक टन की बजाए 25 मीट्रिक टन लिया जा रहा है जोकि एसीसी प्रबंधन के साथ सभा समझौते के भी खिलाफ हो रहा है।
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बीडीटीएस के पूर्व पदाधिकारियों ने सभा के ट्रक ऑपरेटरों से अपील की है कि 22 जनवरी को होने वाले साधारण अधिवेशन में सभी हिस्सा लें ताकि उपरोक्त सभी समस्याओं के लिए आवाज उठाई जाए।
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