श्री नयनादेवी मंदिर को जाने वाली कैंचीमोड-नयनादेवी सपंर्क सड़क की दयनीय हालत से लोग परेशान।
- फोटो : BILASPUR
स्वारघाट(बिलासपुर)। उत्तरी भारत के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्रीनयना देवी मंदिर को जाने वाली कैंचीमोड-नयनादेवी संपर्क सड़क पर गिरे डंगे हादसों को निमंत्रण दे रहे हैं। इस सड़क पर गत वर्ष हुई भारी बरसात के कारण हुए भूस्खलन से कई जगह डंगे गिरे हैं लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी गिरे हुए डंगों का निर्माण कार्य नहीं हो सका है। इसके कारण मां के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं का इस मार्ग से गुजरना जोखिम भरा रहता है।
उल्लेखनीय है कि कैंचीमोड-नयना देवी संपर्क सड़क पर एक साल पहले भूस्खलन के कारण कई जगह गिरे हुए डंगों का निर्माण कार्य अभी तक लोक निर्माण विभाग नहीं कर सका है। इस कारण कैंचीमोड से श्री नयना देवी मंदिर जाने वाले श्रद्धालुओं व वाहन चालकों का सफर किसी खतरे से खाली नहीं रह गया है। साल भर मां के मंदिर दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालु लाखों की संख्या में इस मार्ग से गुजरते हैं।
डंगे गिरने से इस मार्ग पर हमेशा हादसों का खतरा बना रहता है, वहीं डंगे गिर जाने के कारण उक्त स्थान पर सड़क की चौड़ाई बहुत कम हो चुकी है। हालात ये है कि एक समय में केवल एक ही वाहन यहां से गुजर सकता है। जानकारी के अनुसार कैंचीमोड-नयना देवी सड़क पर जनाली कस्बे से दो किमी आगे नयना देवी की तरफ को मोड़ पर एक बड़ा डंगा गिरा पड़ा हुआ है। इस स्थान से कुछ दूर और आगे सुल्लियां स्थान पर भी एक बड़ा डंगा गिरा हुआ है।
लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थल को जाने वाली सड़क पर गिरे हुए डंगों का निर्माण कार्य समय से पूरा किया जाना चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को इस मार्ग पर सफर करने के लिए किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।
लोक निर्माण विभाग उपमंडल स्वारघाट के सहायक अभियंता आरके सैनी ने कहा कि डंगों के पुनर्निर्माण के लिए प्राक्कलन तैयार करके विभाग के उच्चाधिकारियों को भेज दिया है। जल्दी ही गिरे हुए सभी डंगों का निर्माण कार्य किया जाएगा।
...........