बिलासपुर। बिलासपुर बचाओ एवं संघर्ष समिति के प्रधान तरुण टाडू ने कहा कि जिला प्रशासन भाखड़ा विस्थापितों के लिए बनाई गई नई नीति का पालन नहीं कर रहा है। कहा कि सरकार ने एक साल पूर्व बिलासपुर शहर के भाखड़ा विस्थापितों के लिए नई नीति बनाई थी। इसके अनुसार प्रशासन को फिर से बिलासपुर के भाखड़ा विस्थापितों के कब्जों की पैमाईश करनी थी ताकि साफ हो सके की वह नई पॉलिसी में आते हैं या नहीं, लेकिन जिला प्रशासन ने एक साल तक इस संबंध में कुछ कार्य नहीं किए। अब जिला प्रशासन के अधिकारी लोगों के घरों में पहुंचकर उन्हें कब्जे हटाने को कह रहे हैं। यही नहीं अधिकारी उन्हें मौके पर डरा भी रहे हैं।
उन्होंने कहा जिला प्रशासन के अधिकारी लोगों के घर पहुंच कर किसी को गेट गिराने तो किसी को दीवारें गिराने को बोल रहे हैं। कहा जा रहा है कि लोग दीवारें और गेट गिरा दें जिसके बाद वह मामले को संभाल लेंगे।
उन्होंने कहा कि हालत ऐसी है कि एक मामले में व्यक्ति सभी औपचारिकताओं को भी पूरा कर चुका है लेकिन प्रशासन उसके घर भी उसे धमकाने पहुंच गया। उन्होंने कहा कि बिलासपुर ने देश के लोगों के लिए अपनी संस्कृति और वैभव को दांव पर लगा दिया है। बिलासपुर के लोग देश के लिए अपना सब कुछ खो चुके हैं लेकिन इसके बाद यहां के लोगों को बेवजह तंग किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रशासन ने अगर लोगों को तंग करना नहीं छोड़ा और नई पॉलिसी के अनुसार कार्य नहीं किया तो समिति एक बार फिर से उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगी। इस मौके पर व्यापार मंडल के महासचिव सुरेंद्र गुप्ता, समिति के कानूनी सलाहकार अधिवक्ता दौलत राम शर्मा, कारोबारी गुरुविंद्र सिंह सहित अन्य लोग मौजूद रहे।