उपायुक्त ने की जिला स्तर की जन वितरण समिति की समीक्षा बैठक
बोले, जवाबदेही और दक्षता के साथ कार्य करने से बनेगा उपभोक्ता का भरोसा
अनाज में किसी भी तरह की लापरवाही या मिलावट नहीं होगी बर्दाश्त
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला स्तर की जन वितरण समिति की समीक्षा बैठक उपायुक्त राहुल कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली की प्रगति की समीक्षा करना, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के प्रभावी कार्यान्वयन का आकलन करना और उपभोक्ताओं तक समय पर एवं गुणवत्तापूर्ण वस्तुएं पहुंचाना रहा।
उपायुक्त ने कहा कि सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि सभी पात्र उपभोक्ताओं को अनाज, तेल और अन्य आवश्यक वस्तुएं निर्धारित मात्रा और उचित समय पर उपलब्ध हों। ईमानदारी, जवाबदेही और दक्षता के साथ कार्य करने से ही उपभोक्ताओं का भरोसा मजबूत होगा और व्यवस्था और अधिक प्रभावी बनेगी। बैठक में जुलाई 2025 से सितंबर 2025 तक के आंकड़े प्रस्तुत किए गए। इस दौरान जिले के 16,808 राशन कार्ड धारकों को कुल 80,926 क्विंटल अनाज और 3,11,003 लीटर खाने का तेल वितरित किया गया। कुल 4,16,153 उपभोक्ताओं ने सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त किया। वितरण का कार्य जिले की 253 उचित मूल्य की दुकानों के माध्यम से किया गया। जांच के दौरान विभागीय अधिकारियों ने 30 दुकानों का अचानक निरीक्षण किया और 30 खाद्य सामग्री के नमूने गुणवत्ता जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे। जांच में पाई गई गड़बड़ियों के लिए 2,18,805 रुपये का जुर्माना वसूला गया। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की लापरवाही या मिलावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। निर्णय लिया गया कि विद्यालयों में दोपहर के भोजन और आंगनवाड़ी केंद्रों में वितरित अनाज की गुणवत्ता नियमित रूप से जांची जाएगी, ताकि बच्चों और माताओं को पौष्टिक आहार मिल सके।
दुकानदारों को समय-समय पर प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जा रहा है, और अब सभी उचित मूल्य की दुकानों को डिजिटल निगरानी प्रणाली से जोड़ा जा रहा है, जिससे वितरण में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। बीपीसीएल के प्रतिनिधियों ने बताया कि रसोई गैस वितरण अब और अधिक सुरक्षित और पारदर्शी हो गया है। जिले के सभी उपभोक्ताओं को सीधी पाइपलाइन से गैस आपूर्ति और डिजिटल बिलिंग की सुविधा देने के लिए काम किया जा रहा है। उपायुक्त ने उपभोक्ता जागरूकता को इस व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया और लोगों से अनुरोध किया कि किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या शिकायत तुरंत शासन तक पहुंचाएं। जिला प्रशासन खाद्य आपूर्ति व्यवस्था में लगातार सुधार के लिए प्रतिबद्ध है और अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नियमित जांच करें, शिकायतों का शीघ्र समाधान करें और हर स्तर पर ईमानदारी बनाए रखें। बैठक में भोजन, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता मामलों के विभाग के अधिकारी, शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि समिति के सदस्य मौजूद रहे।