विरोध बढ़ने पर बोर्ड ने जारी किया विशेष पत्र शंका हो तो निशुल्क लगवा सकते हैं चेक मीटर
बिलासपुर में बोर्ड अब तक लगा चुका 5118 स्मार्ट मीटर
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। पुराने बिजली मीटरों को हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने का काम शुरू होने के बाद बिजली बोर्ड के फील्ड कर्मचारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। घर-घर मीटर बदलने पहुंच रहे कर्मचारियों को कई जगह उपभोक्ताओं के विरोध और गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। मीटर बदलने को लेकर शुरू होने वाली बहस कई बार विवाद में बदल रही है। कुछ मामले पुलिस तक भी पहुंच चुके हैं और कर्मचारियों को शिकायत दर्ज करवानी पड़ी है। हाल ही में तल्याणा में बिजली बोर्ड के कर्मचारियों के साथ हुए दुर्व्यवहार के बाद बोर्ड ने उपभोक्ताओं के लिए विशेष पत्र जारी किया है। इसमें स्मार्ट मीटर को लेकर स्थिति स्पष्ट करने के साथ कर्मचारियों को सहयोग देने की अपील की गई है। बोर्ड ने सरकारी काम में बाधा डालने वालों के खिलाफ प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
विद्युत उपमंडल-दो बिलासपुर के तहत डियारा, रौड़ा, ऋषिकेश और अन्य विद्युत अनुभागों में पुराने मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाने का काम चल रहा है। बोर्ड के अनुसार अब तक 5118 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। मीटर बदलने के लिए कर्मचारी जब उपभोक्ताओं के घर पहुंच रहे हैं तो कई लोग स्मार्ट मीटर की रीडिंग, बिजली बिल बढ़ने और मीटर लगाने के लिए लिए जाने वाले शुल्क को लेकर सवाल उठा रहे हैं। इसी को लेकर कई जगह कर्मचारियों और उपभोक्ताओं के बीच बहस की स्थिति बन रही है। बोर्ड ने चेतावनी दी है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ नियमानुसार प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विद्युत उपमंडल-दो के तहत डियारा, रौड़ा, ऋषिकेश समेत अन्य विद्युत अनुभागों में स्मार्ट मीटर लगाने का काम जारी है। आने वाले समय में पुराने मीटरों को बदलने का काम भी जारी रहेगा।
रीडिंग पर शंका तो निशुल्क लगवा सकते हैं चेक मीटर
स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं में सबसे बड़ी आशंका बिजली की खपत ज्यादा दर्ज होने की है। इसी के चलते कुछ लोग पुराने मीटर को हटाने का विरोध कर रहे हैं। बोर्ड ने इस शंका को दूर करने के लिए चेक मीटर लगाने का विकल्प दिया है। यदि किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर की रीडिंग पर संदेह है तो वह उसके साथ पुराने इलेक्ट्रॉनिक मीटर का चेक मीटर लगवा सकता है। इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। दोनों मीटरों की रीडिंग और खपत की तुलना की जा सकेगी। बिजली बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि स्मार्ट मीटर लगाने के नाम पर उपभोक्ताओं से कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जा रहा है। स्मार्ट मीटर भी पुराने मीटर की तरह पोस्टपेड होंगे। मीटर बदलने से बिजली भुगतान की व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं होगा। प्रति यूनिट बिजली खपत का शुल्क, विद्युत सब्सिडी और फिक्स्ड चार्ज में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है।
कंज्यूमर आईडी भी नहीं बदलेगी
बोर्ड के अनुसार स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता की कंज्यूमर आईडी भी नहीं बदलेगी। मीटर बदलने के कारण उपभोक्ता को नई आईडी या कनेक्शन से जुड़ी किसी अतिरिक्त प्रक्रिया से नहीं गुजरना होगा। विभाग का कहना है कि मीटर बदलने का उद्देश्य मौजूदा व्यवस्था को स्मार्ट मीटर से बदलना है। मीटर बदलने के दौरान कर्मचारियों के साथ हो रहे विवादों को देखते हुए विभाग ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। सहायक अभियंता ई. रविंद्र चौधरी की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि उपभोक्ता किसी तरह की अफवाहों में न आएं। स्मार्ट मीटर को लेकर कोई शंका हो तो विभाग से जानकारी लेकर उसका समाधान करवाएं।