-26 करोड़ की लागत से बन रहे भवन में जोड़ा गया बीएमओ कार्यालय
-बजट के अभाव में लटका था काम, अब सरकार ने जारी किया बजट
-मंदिर न्यास श्री नयना देवी जी ने अस्पताल भवन के निर्माण को दिया है पांच करोड़
तरूणेश शर्मा
श्री नयना देवी जी(बिलासपुर)। प्रसिद्ध शक्ति पीठ श्री नयना देवी जी में बन रहे सिविल अस्पताल का निर्माण कार्य एक बार फिर से शुरू हो गया है। करीब एक वर्ष तक बजट की कमी के कारण अस्पताल का निर्माण रुका हुआ था, लेकिन अब मंदिर न्यास श्री नयना देवी जी द्वारा 5 करोड़ रुपये की राशि देने के बाद इसका कार्य फिर से शुरू हुआ है।
अस्पताल पर अब तक लगभग 9.50 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। पहले भी मंदिर न्यास ने इस अस्पताल के निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये की सहायता दी थी। मंदिर न्यास की ओर से इस भवन के निर्माण के लिए अब तक कुल 10 करोड़ की राशि जारी की जा चुकी है। जबकि सरकार ने 4.5 करोड़ रुपये पहले, 2.15 करोड़ रुपये अब तक दिए हैं। अस्पताल के निर्माण की डेडलाइन मार्च 2024 थी, लेकिन अब इसे बढ़ाकर मार्च 2025 कर दिया गया है। अनुमानित लागत लगभग 26 करोड़ रुपये है। वहीं, अब भी इस निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए और 10 करोड़ रुपये की आवश्यकता हो सकती है।
बताते चलें कि इस अस्पताल में कुल चार मंजिलें हैं। इसके अलावा, हाल ही में इस अस्पताल में बीएमओ (ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर) का कार्यालय भी जोड़ा गया है, जिससे अस्पताल का कार्य और बेहतर तरीके से चल सकेगा।
बीएमओ ऑफिस के निर्माण से स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार होगा। अस्पताल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को एक ही स्थान पर कई सेवाएं प्राप्त होंगी। अस्पताल में 50 बिस्तर, 6 ओपीडी, इमरजेंसी, कैंटीन, लिफ्ट, रैंप जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। साथ ही, पार्किंग की सुविधा, सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट भी बनाया जाएगा, जिससे अस्पताल का वातावरण स्वच्छ और व्यवस्थित रहेगा। कार्यकारी अधिशासी अभियंता अच्छर सिंह ने बताया कि अस्पताल का निर्माण कार्य मार्च 2025 तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार ने आश्वासन दिया है कि यदि पैसे की कोई कमी होती है, तो इसे पूरा किया जाएगा, ताकि अस्पताल का निर्माण बिना किसी रुकावट के समय पर पूरा हो सके और जनता को उच्च गुणवत्ता की स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकें। इस अस्पताल का निर्माण क्षेत्र के लोगों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा साबित होगा, क्योंकि इससे न केवल नयना देवी जी के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को, बल्कि आसपास के ग्रामीणों और आम जनता को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी।