पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र गर्ग घुमारवीं में प्रैसवार्ता करते हुए। संवाद
पूर्व मंत्री ने सरकार पर दोहरे चरित्र की राजनीति करने का लगाया आरोप
भाजपा शासनकाल में बंद, विकास कार्यों को दोबारा शुरू करे सरकार
संवाद न्यूज एजेंसी
घुमारवीं( बिलासपुर)। प्रदेश में कांग्रेस सरकार और स्थानीय मंत्री की कार्यशैली जनविरोधी और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है। एक ओर मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर जगह-जगह शिलान्यास पट्टिकाएं लगाकर विकास कार्यों का बखान किया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ भाजपा शासनकाल में स्वीकृत एवं प्रारंभ की गई योजनाओं को योजनाबद्ध तरीके से बंद किया जा रहा है। पूर्व कैबिनेट मंत्री राजेंद्र गर्ग ने सोमवार को घुमारवीं में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस सरकार पर दोहरे चरित्र की राजनीति करने का गंभीर आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि भाजपा शासनकाल में भराड़ी को तहसील का दर्जा दिया गया था, साथ ही कपाहड़ा और भगेड़ में लोक निर्माण विभाग और जल शक्ति विभाग के सेक्शन मंजूर किए गए थे। जिन्हें जानबूझकर बंद कर दिया गया। इसके अतिरिक्त क्षेत्र के लगभग 20 स्कूलों को अधिसूचित किया गया था, जिन्हें वर्तमान कांग्रेस सरकार ने डीनोटिफाई कर दिया। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। भाजपा सरकार के दौरान घुमारवीं विधानसभा क्षेत्र के लिए सतलुज नदी से पेयजल आपूर्ति की महत्वाकांक्षी योजना शुरू की गई थी, ताकि वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या का स्थायी समाधान हो सके। पूर्व मंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि घुमारवीं में भाजपा शासनकाल के दौरान 132 केवी का विद्युत सबस्टेशन स्वीकृत किया गया था। इसके लिए बजट भी मंजूर हो चुका था, लेकिन स्थानीय मंत्री आज तक इस कार्य को शुरू नहीं करवा पाए।
सीर खड्ड के पुराने पुल से मेला ग्राउंड तक प्रस्तावित सड़क का कार्य भी जानबूझकर बंद करवा दिया गया। पूर्व कैबिनेट मंत्री ने मांग की है कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान स्थानीय मंत्री राजनीतिक द्वेष को त्यागकर भाजपा शासनकाल में बंद किए गए सभी विकास कार्यों को पुनः शुरू करवाएं और डिनोटिफाई किए गए संस्थानों को फिर से नोटिफाई करवाएं। यदि शीघ्र ही इन मांगों पर अमल नहीं हुआ तो भाजपा को जनहित में आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।