पंचायत ने जनस्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के लिए सर्वसम्मति से लिया फैसला
किसानों से जैविक विकल्प अपनाने की अपील
संवाद न्यूज एजेंसी
भराड़ी (बिलासपुर)। ग्राम पंचायत डंगार ने पर्यावरण संरक्षण और लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए पंचायत क्षेत्र में अत्यधिक विषैले एवं मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक कीटनाशकों के छिड़काव पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। पंचायत प्रधान अमित कुमार, उपप्रधान और सभी वार्ड सदस्यों ने सर्वसम्मति से यह फैसला लिया। पंचायत के इस निर्णय को स्थानीय लोगों ने पर्यावरण संरक्षण की दिशा में सराहनीय पहल बताया है।
पंचायत प्रधान अमित कुमार ने बताया कि पंचायत के सभी वार्डों में सार्वजनिक रास्तों, रिहायशी क्षेत्रों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्कूल परिसरों और अन्य सार्वजनिक स्थलों पर जहरीले कीटनाशकों के प्रयोग की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि यह फैसला जनहित, पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य को ध्यान में रखकर लिया गया है। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक अध्ययनों में ऐसे कीटनाशकों को मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा माना गया है। इनके संपर्क में आने से हृदय, लीवर, किडनी, त्वचा सहित शरीर के अन्य अंग प्रभावित हो सकते हैं। वहीं, इनका दुष्प्रभाव मिट्टी की उर्वरता और जल स्रोतों पर भी पड़ता है, जिससे पर्यावरण और जैव विविधता को नुकसान पहुंचता है।
प्रधान ने बताया कि पंचायत के कुछ वार्डों में जहरीले कीटनाशकों के दुष्प्रभाव से जान-माल से जुड़ी घटनाएं भी सामने आई हैं। इसी को देखते हुए पंचायत ने प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायत का उद्देश्य किसानों को परेशान करना नहीं, बल्कि सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल खेती के लिए प्रेरित करना है। पंचायत ने किसानों और क्षेत्रवासियों से जैविक खेती और सुरक्षित कीटनाशकों के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि प्रतिबंधित कीटनाशकों के उपयोग की शिकायत मिलती है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ पंचायत नियमों और प्रचलित कानून के तहत जुर्माना लगाने के साथ आवश्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। पंचायत ने निर्णय का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने की बात कही है।