बिलासपुर। उपायुक्त रोहित जम्वाल ने राजकीय हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला में चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने नेशनल प्रोजेक्ट कंस्ट्रशन कंपनी लिमिटेड (एनपीसीसी) और निर्माण कंपनी मेसर्स पीएसके इंजीनियरिंग को मुख्य शैक्षणिक ब्लॉक को निर्धारित समयावधि मार्च 2021 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को भी समस्त संबद्ध कार्यों/परियोजनाओं जैसे पेयजल आपूर्ति और बिजली सब स्टेशन आदि को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कॉलेज/भवनों की संपूर्ण निर्माण प्रगति का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को अपने काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र जुलाई 2021 से राजकीय हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला में कक्षाओं को स्थानांतरित किया जा सके।
मुख्य अभियंता जल शक्ति ने उपायुक्त को बताया कि राजकीय हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बंदला की पेयजल परियोजना को पहले ही एम्स पेयजल आपूर्ति योजना के साथ जोड़ दिया गया है। जो मार्च 2021 तक पूरा हो जाएगी। निदेशक तकनीकी शिक्षा विवेक चंदेल ने निर्माण कार्य की प्रगति और अन्य संबंधित मुद्दों के बारे में उपायुक्त को जानकारी दी। बताया कि यह हाइड्रो सेक्टर 105 करोड़ रुपये की धनराशि से बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कांगड़ा जिला के नगरोटा भंगवा में हाइड्रो इंजीनियरिंग के दो ट्रेड की कक्षाएं चल रही हैं। इनमें 480 प्रशिक्षु अध्ययनरत हैं। उन्होंने बताया कि हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज में चार ट्रेड में इंजीनियरिंग की डिग्री मिलेगी। कंप्यूटर साइंस, मेकेनिकल, सिविल और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग स्ट्रीम को मंजूरी दी गई है। प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कला की स्थिति के रूप में यह देश में अपनी तरह का पहला हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज होगा।