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4 हजार मतदाताओं की पंचायत का पुनर्गठन नहीं होने पर भड़के

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घुमारवीं (बिलासपुर)। कुठेड़ा पंचायत का पुनर्गठन नहीं होने पर मसौर, भुवाणा, घुलाण, मलोह, भेल, भगोट, साडग, कुठेड़ा, टिहरी, घल्याणा और जोल प्लाखीं के लोगों ने अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के समक्ष अपनी मांग रखी थी। लेकिन ग्रामीणों की मांग को पूरा नहीं किया गया। इससे उन्हें आमरण अनशन का रास्ता अख्तियार करना पड़ा।
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घुमारवीं विकास खंड की कुठेड़ा पंचायत के पुनर्गठन को लेकर कोई कार्रवाई न होने पर मसौर, भुवाणा, घुलाण, मलोह, भेल, भगोट, साडग, कुठेड़ा, टिहरी, घल्याणा और जोल प्लाखीं के लोगों में रोष है। इसके चलते 2 अक्तूबर को गांधी जयंती पर कुठेड़ा पंचायत निवासियों ने रोष रैली भी निकाली थी। युवा समाजसेवी आशीष मेहता ने कहा कि स्थानीय लोगों की पिछले 15 वर्षों से मांग चली आ रही है। कई बार ग्रामसभाओं में प्रस्ताव पारित करके सरकार और प्रशासन के आला अधिकारियों के समक्ष रखे गए। पिछले तीन महीनों से स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री और प्रशासनिक के अधिकारियों को ज्ञापन भी सौंपे हैं।अभी तक 5000 जनसंख्या, 4000 मतदाताओं और एक दर्जन गांवों वाली इस बड़ी पंचायत के पुनर्गठन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके चलते मसौर मोड़ पर स्थानीय लोगों ने अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू किया है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं किया जाता है तब तक अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर बैठे रहेंगे।
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