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Bilaspur News: कथा में सुनाईं भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं

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-गुग्गा मंदिर धराड़ में श्रीमद्भागवत कथा आयोजित
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संवाद न्यूज एजेंसी
बरठीं (बिलासपुर)। विकासखंड झंडूता की ग्राम पंचायत बलघाड़ के गुग्गा मंदिर धराड़ में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में पंडित देवानंद शर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण के जन्म के बाद कंस उनको मारने के लिए अपने राज्य की सर्वाधिक बलवान राक्षसी पूतना को भेजते हैं।
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पूतना वेश बदलकर भगवान श्रीकृष्ण को अपने स्तन से जहरीला दूध पिलाने का प्रयास करती हैं। भगवान श्रीकृष्ण उनको मार देते हैं। उसके बाद कार्तिक माह में बृजवासी भगवान इंद्र को प्रसन्न करने के लिए पूजन का कार्यक्रम करने की तैयारी करते हैं। भगवान कृष्ण ने उनको भगवान इंद्र की पूजन करने से मना करते हुए गोवर्धन महाराज की पूजन करने की बात कही। इंद्र भगवान उन बातों को सुनकर क्रोधित हो जाते हैं और भारी बारिश करते हैं। इसको देखकर समस्त बृजवासी परेशान हो जाते हैं। भगवान श्रीकृष्ण गोवर्धन पर्वत को अपनी कनिष्ठ अंगुली पर उठाकर पूरे नगर वासियों को पर्वत के नीचे बुला लेते हैं। हार कर इंद्र भगवान एक सप्ताह के बाद बारिश को बंद कर देते हैं। बृजवासी भगवान श्रीकृष्ण और गोवर्धन महाराज के जयकारे लगाने लगते हैं। इस मौके पर भगवान को छप्पन भोग लगाया गया। उन्होंने कहा कि गोवर्धन पूजा में गोधन यानी गायों की पूजा की जाती है। हिंदू धर्म में गाय को देवी लक्ष्मी का भी स्वरूप माना गया है। उन्होंने कहा कि अहंकार हमेशा विनाश का कारण बनता है। अहंकारी व्यक्ति को स्वयं से बढ़कर कुछ दिखाई नहीं देता। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि अहंकार को छोड़कर प्रभु भक्ति में लीन रहें। तभी इस जीवन से मुक्ति मिलेगी। कमेटी के प्रधान सूबेदार कृष्ण चंद, उप प्रधान सूबेदार प्यार सिंह, सचिव सूबेदार शेर सिंह, योगेश ठाकुर ने बताया कि 5 मई को विशाल हवन यज्ञ, भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
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