टीबी मुक्त भारत अभियान को लेकर जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने की बैठक
मॉनिटरिंग व्यवस्था मजबूत करने, स्वास्थ्य कर्मियों का प्रशिक्षण बढ़ाने पर हुआ मंथन
जिला स्तर पर अधिक से अधिक निक्षय शिविर लगाने के दिए गए आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। टीबी मुक्त भारत अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उपायुक्त कार्यालय के बचत भवन में जिला प्रशासन और राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक की, जिसकी अध्यक्षता उपायुक्त बिलासपुर राहुल कुमार ने की, जबकि राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से संयुक्त निदेशक राजेश गुलेरी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
बैठक में जिला बिलासपुर को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से केंद्र व राज्य सरकार द्वारा तय लक्ष्यों की समीक्षा की गई। उन्हें समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए की जा रही गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने टीबी केस फाइंडिंग की प्रक्रिया को और तेज करने के लिए जिला प्रशासन से सहयोग की मांग की। इस दौरान सुपरविजन व मॉनिटरिंग व्यवस्था को मजबूत करने, स्वास्थ्य कर्मियों को अधिक प्रशिक्षण देने, उपलब्ध मैनपावर की क्षमता बढ़ाने पर भी मंथन हुआ। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि जिला स्तर पर अधिक से अधिक निक्षय शिविर लगाए जाएं, ताकि टीबी के मामलों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित हो सके। बैठक में टीबी मरीजों की प्रभावी पहचान के लिए आईटी टूल्स के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया गया। साथ ही निजी अस्पतालों और चिकित्सकों को केंद्र स्वास्थ्य मंत्रालय की गाइडलाइन के अनुरूप इस अभियान से जोड़ने पर सहमति बनी। एम्स बिलासपुर में डेजिग्नेटिड टीबी वार्ड स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया।
उपायुक्त ने कहा कि टीबी मरीजों को सामाजिक व आर्थिक सहयोग प्रदान करने के लिए जिले में अधिक से अधिक निक्षय मित्र जोड़े जाएंगे। उन्होंने बताया कि सीएसआर के माध्यम से टीबी मरीजों को आवश्यक किट्स उपलब्ध करवाई जाएंगी, जिससे उपचार को मजबूती मिलेगी। इसके अलावा जिला प्रशासन द्वारा स्वास्थ्य विभाग को एनएएटी व हैंड हेल्ड मशीनें उपलब्ध करवाने की भी बात कही गई, ताकि केस फाइंडिंग प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जा सके। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि टीबी मुक्त भारत अभियान को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के लिए अधिक से अधिक स्वयंसेवियों और गैर-सरकारी संगठनों को इससे जोड़ा जाए, ताकि सामूहिक प्रयासों से जिला बिलासपुर को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सके।