अदालत ने आठ लाख के मुचलके पर दिए रिहाई के आदेश
बोलेरो नहीं, मारुति बलेनो कार को कोर्ट ने शर्तों के साथ छोड़ा
दोबारा अपराध में इस्तेमाल होने की आशंका पर पुलिस की आपत्ति खारिज
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश घुमारवीं की अदालत ने शराब तस्करी से जुड़े एक मामले में जब्त की गई कार को उसके मालिक के सुपुर्द करने के आदेश दिए हैं। अदालत ने वाहन मालिक को कार आठ लाख रुपये के सुपरदारी बॉन्ड और इतनी ही राशि के एक जमानती पर रिहा करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश घुमारवीं की अदालत में हुई। अदालत में दायर याचिका में कहा गया था कि संबंधित वाहन पुलिस थाना घुमारवीं में दर्ज एफआईआर में कब्जे में लिया गया था। पुलिस जांच पूरी हो चुकी है और अब वाहन की आगे जांच में आवश्यकता नहीं है। याचिकाकर्ता ने अदालत को यह भी भरोसा दिलाया कि वह कोर्ट द्वारा लगाई जाने वाली सभी शर्तों का पालन करेगा। वहीं पुलिस ने वाहन छोड़ने का विरोध करते हुए कहा कि भविष्य में इस वाहन का दोबारा अपराध में इस्तेमाल हो सकता है। हालांकि अदालत ने अपने आदेश में कहा कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई तथ्य नहीं है जिससे यह साबित हो कि वाहन पहले किसी अन्य मामले में शामिल रहा हो। अदालत ने माना कि लंबे समय तक वाहन को पुलिस कब्जे में रखने से उसकी उपयोगिता और कीमत कम हो जाएगी। अदालत ने आदेश दिया कि वाहन मालिक जरूरत पड़ने पर वाहन को पुलिस या कोर्ट के समक्ष पेश करेगा। साथ ही वाहन को न तो बेचा जाएगा और न ही उसका रंग, स्वरूप या पंजीकरण नंबर बदला जाएगा। अदालत ने वाहन के दस्तावेजों की प्रतियां पुलिस को उपलब्ध करवाने के भी निर्देश दिए हैं।