बरमाणा-हरनोड़ा रूट पर यात्री मुश्किल में
सुबह 7 से 9, शाम 5 से 10 बजे तक बसें चलाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। बिलासपुर-बरमाणा-हरनोड़ा सड़क पर सार्वजनिक परिवहन की कमी हजारों लोगों के लिए परेशानी बन गई है। सुबह दफ्तर, शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों के लिए निकलने वाले यात्रियों के साथ शाम को घर लौटने वाले लोगों को सबसे अधिक दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्र के लोगों ने मांग की है कि इस रूट पर सुबह 7 से 9 बजे, शाम 5 से 10 बजे तक सरकारी और निजी बसों का नियमित एवं समयबद्ध संचालन किया जाए।
बरमाणा, हरनोड़ा, बैरी रजादियां, सुंगल, बामटा, घागस, नोग,धार टटोह, सोलग जुरासी, द्रोबड़ और आसपास की पंचायतों से प्रतिदिन बड़ी संख्या में कर्मचारी, विद्यार्थी, व्यापारी और अन्य लोग बिलासपुर आते-जाते हैं। पीक आवर्स में बसों की संख्या पर्याप्त नहीं होने के कारण यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। सबसे अधिक परेशानी शाम के समय होती है, जब कार्यालयों और संस्थानों से छुट्टी के बाद लोग घर लौटते हैं। लोगों का कहना है कि शाम छह बजे के बाद बिलासपुर से बरमाणा की ओर सरकारी बसें लगभग न के बराबर हैं। ऐसे में यात्रियों के पास ऑटो या अन्य निजी वाहनों का सहारा लेने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। ऑटो चालक भी इस स्थिति का फायदा उठाते हुए 300 से 400 रुपये तक किराया वसूलते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि फोरलेन बनने के बाद पुराने राष्ट्रीय राजमार्ग पर सार्वजनिक परिवहन लगातार कम होता गया है। इसका सबसे अधिक असर उन पंचायतों पर पड़ा है, जहां से बड़ी संख्या में लोग रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बिलासपुर पर निर्भर हैं।
उन्होंने कहा कि परिवहन विभाग और जिला प्रशासन को जनहित को प्राथमिकता देते हुए इस रूट का समयबद्ध शेड्यूल तय करना चाहिए, ताकि बरमाणा, हरनोड़ा सहित आसपास की पंचायतों के हजारों लोगों को राहत मिल सके।