प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 और एक हजार के नोट बंद करने के बाद अब बैंकों और डाकघरों से पैसे बदलवाने की नई प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रक्रिया के पहले ही दिन से इसका असर भी देखने को मिल रहा है। नई प्रक्रिया के शुरू होते ही बैंकों और डाकघरों में पैसे बदलवाने के लिए लगने वाली भीड़ में भी कमी आई है। इससे लोगों ने काफी राहत की सांस ली है।
अब बैंकों और डाकघरों से पैसे बदलवाने पर उंगली पर नीली स्याही का प्रयोग किया जा रहा है। पहले चुनावों के दौरान वोट डालते समय मतदाताओं को स्याही का निशान लगाया जाता था।
वीरवार को जिला भर के बैंकों व डाकघरों में इस प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। जानकारी के मुताबिक केंद्र सरकार के आदेशों के बाद सभी बैंकों व डाकघरों में नीली स्याही पहुंच गई है।
जहां पहले सामान्य प्रक्रिया के तहत पैसे बदले जा रहे थे, वहीं अब नई प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है। इसमें उपभोक्ता जब किसी भी बैंक या डाकघर में पैसे बदलवाने के लिए जाएगा, तो उसके हाथ पर नीली स्याही का निशान लगाया जाएगा।
पैसे बदलवाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। ताकि कोई व्यक्ति बार-बार आकर पैसे न बदला सके। इस प्रक्रिया के शुरू होते ही उपभोक्ताओं में चिंता का माहौल पैदा हो गया है। अब कोई भी व्यक्ति एक बार से अधिक पैसे बदलवाने नहीं जा सकता।
गौरतलब है कि देश में 500 और एक हजार के नोट पूरी तरह से बंद कर दिए गए हैं। इसके चलते बड़ी संख्या में लोग बैंकों और डाकघरों में पुराने नोट बदलवाने के लिए आ रहे थे।
इस दौरान कई लोग अलग-अलग आईडी लेकर बार-बार पैसे बदलवाने के लिए पहुंच रहे थे। इस पर विराम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने नीली स्याही की प्रक्रिया को शुरू करने का फैसला लिया है।
बिलासपुर जिला में वीरवार से शुरू हुई इस प्रक्रिया का खूब असर देखने को मिला। पंजाब नेशनल बैंक बिलासपुर के मैनेजर केडी शर्मा बताया कि नीली स्याही लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
इसका असर पहले दिन से ही देखने को मिल रहा है। पैसे बदलवाने के लिए आने वाले लोगों की भीड़ में काफी कमी आई है। वहीं मुख्य डाकघर के डाकपाल दयाराम ने बताया कि डाकघर में इस प्रक्रिया को पूर्ण रूप से शुरू कर दिया गया है। इस प्रक्रिया के शुरू होने से लोगों की भीड़ में काफी प्रतिशत फर्क पड़ा।