चुनाव में 10 सदस्यों ने लिया भाग, चार सदस्य रहे गैरहाजिर, बिना मतदान पूरी हुई चुनाव प्रक्रिया
अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के लिए हुआ एक-एक नामांकन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिला परिषद बिलासपुर के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद पर शुक्रवार को चुनाव हुए। वार्ड संख्या-12 जुखाला से निर्वाचित सदस्य भाजपा समर्थित और श्री नयना देवी जी क्षेत्र से लेख राम जिला परिषद अध्यक्ष और वार्ड संख्या-4 ननावां से निर्वाचित सदस्य भाजपा समर्थित सदर क्षेत्र से प्रोमिला देवी उपाध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। दोनों पदों के लिए अन्य कोई नामांकन दाखिल न होने के कारण चुनाव प्रक्रिया बिना मतदान के ही संपन्न हो गई।
जिला परिषद के 14 निर्वाचित सदस्यों में से 10 सदस्य दोपहर करीब 12:45 बजे एकजुट होकर जिला परिषद भवन पहुंचे। आवश्यक कोरम पूरा होने के बाद उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायती राज संस्थाएं) राहुल कुमार की मौजूदगी में चुनाव प्रक्रिया शुरू हुई। उपस्थित 10 सदस्यों में नौ भाजपा समर्थित सदस्य थे, जबकि बड़गांव वार्ड से निर्वाचित नरेंद्र कुमार निर्दलीय चुनाव जीतकर आए हैं, लेकिन उनकी विचारधारा भाजपा समर्थक मानी जाती है। अध्यक्ष पद के लिए लेख राम ने नामांकन पत्र दाखिल किया। उनके प्रस्तावक रोहल वार्ड के जरनैल सिंह और समर्थक बड़गांव वार्ड के नरेंद्र कुमार बने। वहीं उपाध्यक्ष पद के लिए प्रोमिला देवी ने नामांकन भरा, जिसके प्रस्तावक बरमाणा वार्ड के अशोक कुमार और समर्थक गाहर वार्ड की रक्षा कुमारी रहीं। अन्य कोई नामांकन न आने के चलते दोनों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। चुनाव प्रक्रिया के दौरान घंडालवीं से जमना देवी, गाहर से रक्षा कुमारी, कुठेड़ा से निशु देवी, ननावां से प्रमिला देवी, बड़गांव से नरेंद्र कुमार, रोहल से जरनैल सिंह, बामटा से सपना कुमारी, बरमाणा से अशोक कुमार, जुखाला से लेख राम और कोटखास से तरसेम सिंह मौजूद रहे। नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष को बधाई देते हुए उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को जनता के विश्वास पर खरा उतरते हुए विकास कार्यों, जनकल्याण और पारदर्शी प्रशासन को प्राथमिकता देनी चाहिए।
इनसेट
चार सदस्य रहे अनुपस्थित, राजनीतिक चर्चाएं तेज
अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष के चुनाव के दौरान जिला परिषद के चार सदस्य अनुपस्थित रहे। इनमें जांगला वार्ड से देवांश चंदेल और नम्होल वार्ड से सुरभि ठाकुर निर्दलीय निर्वाचित सदस्य हैं, जो भाजपा विचारधारा के हैं। वहीं जेजवीं वार्ड से आशा देवी और स्वाहण वार्ड से रतन चंद कांग्रेस विचारधारा से जुड़े माने जाते हैं। चारों सदस्यों की अनुपस्थिति चुनाव प्रक्रिया के दौरान चर्चा का विषय बनी रही। हालांकि अध्यक्ष और उपाध्यक्ष पद के लिए केवल एक-एक नामांकन होने के कारण उनके अनुपस्थित रहने से चुनाव परिणाम पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा।