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Bilaspur News: स्वच्छता रैंकिंग में 36 अंक पिछड़ा जिले का मुख्य शहर बिलासपुर

Thu, 17 Jul 2025 11:44 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बिलासपुर
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स्टेट की टॉप-10 स्वच्छ शहरों की सूची से हुआ बाहर
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घुमारवीं ने राष्ट्रीय रैंकिंग में लगाई लंबी छलांग, प्रदेश में भी किया सुधार

संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। केंद्रीय स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में जिले का मुख्य शहर बिलासपुर सफाई के मामले में एक बार फिर पिछड़ गया है। कई तय मानकों को यह शहर पूरा नहीं कर पाया। पिछली बार स्टेट रैंकिंग में 10वें स्थान पर रहने वाला शहर इस बार टॉप-10 से बाहर हो गया है और 36 अंक पिछड़कर 46वें नंबर पर आ गया है।
प्रदेश के 66 शहरों की सूची में बिलासपुर की रैंक नीचे खिसक गई है। इस बार बिलासपुर प्रदेश में 46वें स्थान पर है। यानि तय मानकों में शहर सर्वेक्षण में सीधे 36 अंक फिसला है। हालांकि राष्ट्रीय स्तर पर मामूली सुधार देखने को मिला है। साल 2023-24 में जहां बिलासपुर की नेशनल रैंकिंग 1968 थी, वहीं अब यह 1771 पर पहुंची है। जिले की दूसरी बड़ी नगर परिषद घुमारवीं ने इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में बड़ा सुधार दिखाया है। वर्ष 2023-24 में प्रदेश में 43वें स्थान पर रहा घुमारवीं इस बार 27वें स्थान पर पहुंचा है। राष्ट्रीय स्तर पर भी घुमारवीं ने 3305वीं रैंक से छलांग लगाकर 1442 वीं रैंक हासिल की है। यह प्रदर्शन नगर परिषद की सक्रियता को दर्शाता है। नगर परिषद श्री नयना देवी जी की राष्ट्रीय रैंकिंग में सुधार हुआ है। इस बार नगर परिषद ने 1601 वीं रैंक हासिल की है। वहीं, पिछली बार यह रैंक 2646 था। हालांकि राज्य स्तर पर स्थिति कमजोर हुई है। बीते साल 21वें स्थान पर रही परिषद इस बार 36वें स्थान पर खिसक गई है।
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नगर पंचायत तलाई ने भी देशभर में सुधार किया है। पिछले साल 2276 वीं रैंक थी, जबकि इस बार 1561 वां स्थान मिला है। लेकिन प्रदेश रैंकिंग में गिरावट आई है। पहले 14वें स्थान पर रहा तलाई अब 34वें स्थान पर पहुंच गया है। बिलासपुर शहर की गिरती रैंकिंग ने नगर परिषद की सफाई व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्वच्छता को लेकर लगातार पिछड़ना चिंताजनक है। ऐसे में नगर परिषद को सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है, ताकि आने वाले वर्षों में रैंकिंग में सुधार हो सके। प्रशासन और नगर परिषद के पदाधिकारी स्वच्छता अभियान तो चलाते हैं, लेकिन उन मानकों पर काम नहीं कर पाते हैं जिनमें सुधार कर रैंकिंग में सुधार किया जा सकता है। समीक्षा बैठकों में मुद्दे पर चर्चा तो होती है लेकिन उसे धरातल पर नहीं उतारा जाता है। यही कारण है कि जिले का मुख्य शहर ही स्वच्छता सर्वेक्षण में इस बार बुरी तरह से पिछड़ा है।
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