जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी गौरव वर्तमान में आरएलए झंडूता में तैनात है। भनक लगते ही वह बुधवार को ही फरार हो गया। दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम जब उसके आवास पर पहुंची, तो वहां वह नहीं मिला। क्राइम ब्रांच ने उसकी आलीशान कोठी और लग्जरी गाड़ियों की फोटोग्राफी की है। जब पंजीकरण पोर्टल को बीएस-4 से बीएस-6 में बदला जा रहा था, तब बैकएंड के जरिए सैकड़ों गाड़ियों की फर्जी एंट्री की गईं। उस समय गौरव आरएलए बिलासपुर में तैनात था।
आरोप है कि गौरव के पास अन्य कर्मचारियों-अधिकारियों की लॉगइन आईडी और पासवर्ड थे, जिनका इस्तेमाल कर उसने फर्जी रजिस्ट्रेशन अप्रूव किया। आरोपी सुभाष से पूछताछ में ही गौरव का नाम मुख्य साजिशकर्ता के तौर पर सामने आया है। उपायुक्त राहुल कुमार ने कहा कि मामले में गौरव को सस्पेंड करने और चार्जशीट करने के लिए लिख दिया है। दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम गौरव को गिरफ्तार करने आई थी। उपायुक्त ने बताया कि प्रशासन को मिली शिकायत में विशेष तौर पर एचपी-97 (इंदौरा) सीरीज के तहत बीएस-4 श्रेणी के वाहनों के रजिस्ट्रेशन में नियमों की अनदेखी की बात की गई है।