राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में पांच स्वर्ण, आठ रजत और चार कांस्य पदक किए अपने नाम
स्वर्ण विजेता राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हिमाचल का करेंगे प्रतिनिधित्व
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले के खिलाड़ियों ने हाल ही में संपन्न हुई 23वीं राज्य स्तरीय वुशू चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन किया है। जिले ने प्रतियोगिता में ओवरऑल दूसरा स्थान हासिल किया। डीएवी पब्लिक स्कूल बरमाणा के खिलाड़ियों ने कुल 17 पदक जीते, जिनमें पांच स्वर्ण शामिल हैं। यह चैंपियनशिप 8 और 9 अगस्त को शिमला के भराड़ी में आयोजित की गई थी।
प्रदेश के आठ जिलों से करीब 250 खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा लिया था। डीएवी पब्लिक स्कूल बरमाणा के 24 खिलाड़ियों ने विभिन्न वर्गों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उन्होंने बेहतरीन खेल का परिचय देते हुए पांच स्वर्ण, आठ रजत और चार कांस्य पदक अपने नाम किए। विद्यालय के खिलाड़ियों की इस उपलब्धि से स्कूल परिसर में खुशी का माहौल है। डीएवी पब्लिक स्कूल बरमाणा के 24 खिलाड़ियों ने विभिन्न वर्गों में हिस्सा लिया। उन्होंने कुल 17 पदक जीते, जिनमें पांच स्वर्ण, आठ रजत और चार कांस्य पदक शामिल हैं। स्वर्ण पदक हासिल करने वाले खिलाड़ी अब राष्ट्रीय स्तर की वुशू प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। खिलाड़ियों ने अपनी सफलता का श्रेय नियमित अभ्यास, कड़ी मेहनत और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन को दिया। प्रतियोगिता में गौरी, सेजल, नव्या, दिव्यांश, वेदांश, स्वरा, शाश्वत, अर्पित, चिराग, एवि और आदि सहित अन्य खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। सभी खिलाड़ियों ने पूरे आत्मविश्वास के साथ मुकाबलों में प्रदर्शन किया। प्रधानाचार्या दीपिका शर्मा ने पदक विजेता खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। खेलों के माध्यम से बच्चों में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और विपरीत परिस्थितियों से संघर्ष करने की भावना विकसित होती है। दीपिका शर्मा ने खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दीं। स्वर्ण पदक विजेता खिलाड़ी अब राष्ट्रीय स्तर की वुशू प्रतियोगिता में हिमाचल प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। यह बिलासपुर और डीएवी बरमाणा के लिए गर्व का विषय है। प्रधानाचार्या दीपिका शर्मा ने विश्वास व्यक्त किया कि विद्यार्थियों की यह सफलता अन्य बच्चों को भी खेलों के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन करेगी। खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और समर्पण ने उन्हें यह मुकाम दिलाया है।