बिलासपुर। जिले में हाई रिस्क श्रेणी के 12 टीबी (क्षय रोग) मरीज चिह्नित किए गए हैं। इन मरीजों को 12 को दवा प्रतिरोधक टीबी (डीआरटीबी) के लिए पंजीकृत कर मुफ्त उपचार दिया जा रहा है। इसी तरह अन्य 359 टीबी के मरीजों का भी इलाज किया जा रहा। 347 को साधारण टीबी की दवाई के लिए पंजीकृत किया है। इस आशय की जानकारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण चौधरी ने दी।
उन्होंने बताया कि साधारण टीबी के मरीजों को प्रदेश सरकार की ओर से पोषण के लिए प्रतिमाह 500 रुपये दिए जा रहे हैं। जबकि, डीआरटीबी के मरीजों को 1500 रुपये की राशि दी जा रही है। बताया कि वर्ष 2023 तक टीबी उन्मुलन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए प्रदेश सरकार ने कई कदम उठाए हैं। जिला में बलगम के नमूनों की जांच 15 स्वास्थ्य केंद्रों में मुफ्त उपलब्ध करवाई जा रही है ।
उन्होंने कहा कि शीघ्र निदान और इलाज होने पर यह रोग जल्दी ठीक हो जाता है। अगर किसी भी व्यक्ति को दो सप्ताह या इससे अधिक दिन की खांसी हो, हल्का बुखार, भूख कम होना, रात को पसीना आना, गर्दन में गिल्टी होना, वजन का लगातार कम होना और बलगम में खून आए तो स्वास्थ्य संस्थान में जांच करवाएं।
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संक्रामक है क्षय रोग
मुख्य चिकित्सा अधिकारी के अनुसार क्षय रोग एक संक्रामक रोग है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने और छींकने से हवा के माध्यम से फैलता है। अन्य बीमारियों से ग्रस्त व्यक्तियों में इसके फैलने की संभावना अधिक होती है। इससे बचने लिए खांसने और छींकते समय मुंह को रुमाल, टिशु पेपर आदि से ढकना चाहिए। इधर-उधर न थूकें। अपने बच्चे को बीसीजी का टीका अवश्य लगवाएं और साफ -सफाई का विशेष ध्यान रखें।