जिले में हर माह 14 तारीख को चलेगा जिला स्तरीय स्वच्छता अभियान
हर दिन शहरी, ग्रामीण क्षेत्रों से उत्पन्न हो रहा प्रतिदिन 10 टन से ज्यादा कचरा
एनजीटी टास्क फोर्स की बैठक में डीसी ने दिए अधिकारियों को निर्देश
शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में ठोस कचरा प्रबंधन को लेकर की चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। जिले में हर माह की 14 तारीख को सभी शहरी निकाय, नगर पंचायतें और खंड विकास कार्यालय मिलकर व्यापक स्तर पर स्वच्छता अभियान चलाएंगे। अभियान को केवल औपचारिकता न बनाकर जन सहयोग से सफल बनाया जाएगा। आंकड़ों के अनुसार जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिदिन 10 टन से अधिक ठोस कचरा उत्पन्न हो रहा है। नगर परिषद बिलासपुर से हर दिन 4.7 टन, नगर परिषद घुमारवीं से 2.7 टन, नगर पंचायत तलाई से 2.0 टन, नगर परिषद श्री नयना देवी जी से लगभग 400 किलोग्राम, ग्रामीण क्षेत्रों चार उपमंडल, चार विकास खंड, सात तहसीलों से लगभग 290 किलोग्राम कचरा हर दिन उत्पन्न हो रहा है।
जिला मुख्यालय में शनिवार को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) से संबंधित मामलों की समीक्षा को लेकर जिला स्तरीय विशेष टास्क फोर्स की बैठक का आयोजन किया गया। उपायुक्त राहुल कुमार की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में जिले में ठोस कचरा प्रबंधन की स्थिति की समीक्षा की गई और सुधार के लिए कई अहम दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि इन सभी क्षेत्रों में कचरे के वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण, पृथक्करण और निस्तारण की ठोस योजना तैयार की जाए और उस पर सख्ती से अमल हो। सरकार के निर्देशों के अनुसार अब जिले की सभी सरकारी और निजी बसों तथा टैक्सियों में कचरा पात्र (डस्टबिन) अनिवार्य रूप से लगाए जाएंगे। डीसी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि इस नियम के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए विशेष जांच अभियान चलाया जाए।
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अनधिकृत कूड़ा स्थलों पर लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
शहरी क्षेत्रों में अनधिकृत स्थानों पर कचरा फेंके जाने की समस्या को गंभीर मानते हुए डीसी ने ऐसे स्थलों की पहचान कर वहां सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कैमरों से निगरानी व्यवस्था बेहतर होगी और कचरा फेंकने वालों की पहचान कर चालान और जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
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स्रोत पर ही होगा गीला-सूखा कचरा पृथक्करण
उपायुक्त राहुल कुमार ने नगर परिषद अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि कचरा स्रोत पर ही गीला और सूखा अलग-अलग एकत्रित किया जाए। इसके बाद उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, ताकि पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिल सके।
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कचरा प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था होगी मजबूत
बैठक में उपस्थित अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि कचरा प्रबंधन को लेकर बनाई जाने वाली कार्य योजनाओं की नियमित निगरानी एवं समीक्षा की जाए। सभी निकायों को अपने क्षेत्रों में स्वच्छता की स्थिति पर प्रगति रिपोर्ट तैयार कर मासिक रूप से जिला प्रशासन को भेजनी होगी।