नगर परिषद बिलासुपर के तहत आने वाले क्षेत्र में गृहकर को लेकर नगर परिषद ने तैयारियां पूरी कर ली है। इसी महीने के अंतिम सप्ताह से नगर परिषद द्वारा चयनित निजी कंपनी सर्वे शुरू करेगी।
सर्वे के आधार पर नगर परिषद स्लैब बनाकर शहरवासियों से गृहकर वसूल करेगा। नगर परिषद के मुताबिक इसके लिए पार्षदों के साथ अंतिम बैठक कर सर्वे के कार्य को शुरू किया जाएगा। इसके लिए बाकायदा निजी कंपनियों से टैंडर भी आमंत्रित किए गए हैं। इसके तहत नप के पास 9 कंपनियों ने आवेदन किया था।
इसमें से तीन का आवेदन नप ने नियमों पर खरा न उतरने पर रद्द कर दिया है। बची शेष कंपनियों के अधिकारियों से सर्वे कार्य को लेकर नप के अधिकारियों की चर्चा जारी है। अब किस कंपनी से सर्वे करवाना है इसको लेकर पार्षदों के साथ एक बैठक कर निर्णय लिया जाएगा। यह बैठक इसी महीने आयोजित होगी। सब कुछ योजना के अनुसार रहा तो इसी साल से गृहकर की वसूली भी शुरू हो जाएगी।
उल्लेखनीय है कि बिलासपुर में लोगों से गृह कर वसूल नहीं किया जाता था। मगर प्रदेश सरकार के गृहकर को लेकर गंभीरता को देखते हुए नप ने इसको लेकर कार्यवाही शुरू की है। वर्तमान में नगर परिषद के अधीन आने वाले क्षेत्र बिलासपुर में करीब 3500 भवन है जबकि इसके अतिरिक्त व्यवसायिक संस्थानों सहित दुकानें भी हैं।
इन सभी से स्लैब के आधार पर नगर परिषद टैक्स वसूल करेगा। इससे जहां नगर परिषद की आमदनी बढ़ेगी तो वहीं नगर परिषद की आय में भी बढ़ोतरी होगी। इससे नगर परिषद शहरवासियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा। हालांकि शहरवासी बिलासपुर को विस्थापितों को शहर बताकर लगातार गृहकर लगाने का विरोध कर रहे हैं।
इस संबंध में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी केएल ठाकुर ने बताया कि कंपनियों के अधिकारियों से सर्वे को लेकर बातचीत हो चुकी है। लेकिन इस संबंध में अब पार्षदों के साथ बैठक की जाएगी। जिसमें किस कंपनी को सर्वे का काम दिया जाएगा उस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस माह अंत तक सर्वे कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
आमदनी न होने से नगर परिषद की माली हालत खराब : नगर परिषद बिलासपुर के पास आय के साधन न होने के कारण उसके लिए शहरवासियों को सुविधाएं देना मुश्किल हो गया है। हालत यह है कि शहर में लगीं स्ट्रीट लाइटों का बिल अदा करने में भी नगर परिषद के हाथ खड़े हो गए हैं जबकि विकास के मामले में भी बिलासपुर शहर में पिछड़ता जा रहा है। हालत यह है कि न ही शहर में पार्किंग व्यवस्था है और न ही बच्चों को खेलने के लिए बेहतर पार्क। गृहकर लागू होने के बाद नगर परिषद की आमदनी में इजाफा होगा, जिसके बाद नप शहरवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने में सक्षम होगी।