बरठीं में नायक अतुल शर्मा के पिता को तिरंगा सौंपते सेना के अधिकारी। संवाद
25 वर्षीय जवान को नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई, पूरे क्षेत्र में शोक
-16 मीडियम आर्टिलरी रेजिमेंट में दे रहे थे सेवाएं
संवाद न्यूज एजेंसी
गेहड़वीं (बिलासपुर)। झंडूता उपमंडल के बरठीं क्षेत्र से संबंध रखने वाले भारतीय सेना के बहादुर जवान नायक अतुल शर्मा का पार्थिव शरीर वीरवार को तिरंगे में लिपटकर उनके पैतृक गांव पहुंचा। इसके बाद पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान परिजनों, रिश्तेदारों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी नम आंखों से अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई देने पहुंचे।
भारतीय सेना की 16 मीडियम आर्टिलरी रेजिमेंट में सेवारत नायक अतुल शर्मा का बुधवार शाम इलाज के दौरान निधन हो गया था। वह मात्र 25 वर्ष के थे और पिछले करीब पांच वर्षों से सेना में देश सेवा कर रहे थे। परिजनों के अनुसार नायक अतुल शर्मा छह माह पूर्व लेह में तैनाती के दौरान ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित हो गए थे। इसके बाद उनका इलाज पहले दिल्ली में कराया गया, जबकि हाल के दिनों में चंडीगढ़ में उपचार चल रहा था। लंबी बीमारी से संघर्ष करते हुए उन्होंने देश के लिए समर्पित जीवन का अंत किया। नायक अतुल शर्मा अपने परिवार के सबसे बड़े बेटे थे। परिवार में उनके माता-पिता और एक छोटा भाई है। बेटे के निधन से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गांव में हर तरफ शोक का माहौल है। स्थानीय लोगों ने बताया कि नायक अतुल शर्मा बेहद सरल, अनुशासित और देशभक्ति से ओत-प्रोत जवान थे। साधारण परिवार से निकलकर सेना में भर्ती होकर उन्होंने क्षेत्र का नाम रोशन किया। उनके जाने से बरठीं क्षेत्र ने अपना एक होनहार सपूत खो दिया है।
बरठीं में नायक अतुल शर्मा के पिता को तिरंगा सौंपते सेना के अधिकारी। संवाद