गोबिंद सागर फिशरीज को-ऑपरेटिव फेडरेशन ने मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
मत्स्य विभाग को तीन दिन का अल्टीमेटम
पंजाब, चंडीगढ़, लुधियाना, दिल्ली, जम्मू से मछली लाकर हिमाचल में कम दाम पर बेची जा रही
कार्रवाई नहीं हुई तो मछुआरों के प्रतिनिधियों के साथ मत्स्य विभाग के मुख्य कार्यालय में धरना देने की चेतावनी
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। गोबिंद सागर फिशरीज को-ऑपरेटिव मार्केटिंग एंड सप्लाई फेडरेशन लिमिटेड ने बाहरी राज्यों से मछली लाकर हिमाचल में बेचने पर रोक लगाने की मांग उठाई है। फेडरेशन के चेयरमैन विजय पाल नाग ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर गरीब मछुआरा परिवारों के हित में तत्काल कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन की प्रतिलिपि जिलाधीश, निदेशक एवं पंजीयक मत्स्य विभाग और एसपी को भी भेजी गई है।
फेडरेशन का आरोप है कि मत्स्य सहकारी सभाओं का काम ठेकेदारों को दिए जाने के बाद स्थानीय मछुआरों की दिक्कतें बढ़ी हैं। ठेकेदार स्थानीय मछुआरों से उनकी पकड़ी हुई मछली खरीदने के बजाय पंजाब, चंडीगढ़, लुधियाना, दिल्ली और जम्मू समेत बाहरी राज्यों से मछली लाकर हिमाचल में कम दर पर बेच रहे हैं। इससे स्थानीय मछुआरों को मछली बेचने के लिए बाजार नहीं मिल पा रहा है।
फेडरेशन के अनुसार, ठेकेदार मत्स्य सभाओं से कुछ विशेष प्रजातियों की मछली लाने की मांग करते हैं, जबकि सिल्वर कार्प समेत कुछ अन्य मछलियों को लेने से मना कर दिया जाता है। कई बार मत्स्य सभाओं का मछली पकड़ने का काम भी बंद करवा दिया जाता है। इससे मछली पकड़ने और बेचने पर निर्भर परिवारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
फेडरेशन के वायस चेयरमैन मुनीर अख्तर लाली, निदेशक कर्मचंद सहित अन्य पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि बाहरी राज्यों से हिमाचल लाई जा रही मछली को प्रदेश की सीमाओं पर पुलिस के माध्यम से रोकने की व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि इससे स्थानीय मछुआरों की पकड़ी हुई मछली की बिक्री सुनिश्चित हो सकेगी और उन्हें रोजगार व आय का साधन मिलेगा।
फेडरेशन के चेयरमैन विजय पाल नाग ने कहा कि यदि तीन दिन के भीतर मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो वह मछुआरों के प्रतिनिधियों के साथ मत्स्य विभाग के मुख्य कार्यालय में धरने पर बैठेंगे।